अनंत चतुर्दशी के दिन शनिवार (6 सितंबर) सुबह महानगरवासियों की नींद झमाझम बारिश के साथ खुली। बारिश ने जहां गणेश विसर्जन के माहौल को और उल्लासपूर्ण बना दिया, वहीं शहर की जलापूर्ति करने वाली झीलों का स्तर भी लगभग भर चुका है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 6 सितंबर तक सातों झीलों में 14,05,437 मिलियन लीटर यानी कुल क्षमता का 97.10% पानी संग्रहित है।
आंकड़ों के मुताबिक मोडक सागर, विहार और तुलसी झील 100% क्षमता तक भर चुकी हैं। तानसा 98.85%, अपर वैतरणा 98.09%, मिडल वैतरणा 96.89% और सबसे बड़ी सप्लायर भातसा 95.83% पर है। अधिकारियों का कहना है कि इतना संग्रह अगले मानसून तक मुंबई की जल सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
किस हिस्से को कहां से पानी?
मोडक सागर (लोअर वैतरणा), मिडल वैतरणा, अपर वैतरणा और तानसा से पश्चिमी उपनगरों (दहिसर चेक नाका से बांद्रा तक) और दक्षिण मुंबई (माहिम से मालाबार हिल तक) को जल आपूर्ति होती है। भातसा, विहार और तुलसी मिलकर ‘भातसा सिस्टम’ बनाते हैं, जो पूर्वी उपनगरों (मुलुंड चेक नाका से सायन तक) और आगे मझगांव को पानी उपलब्ध कराता है।
🚰 मुंबईला पाणीपुरवठा करणाऱ्या ७ जलाशयांचा आज सकाळी ६ वाजेपर्यंतचा अहवाल
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🚰 Report of water stock in the seven lakes, supplying water to Mumbai, till 6am today.#MumbaiRains#MyBMCUpdates pic.twitter.com/iGZGbnNvLu— माझी Mumbai, आपली BMC (@mybmc) September 6, 2025
इस बीच, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। चेतावनी दी गई है कि कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। यह अलर्ट उस समय जारी हुआ है जब लाखों श्रद्धालु शहरभर में गणपति बप्पा को विदाई देने के लिए विशाल विसर्जन जुलूसों में निकलेंगे।
बीएमसी ने नागरिकों से अपील की है कि वे विसर्जन स्थलों पर सतर्क रहें, क्योंकि बारिश और ऊंची ज्वार एक साथ आने से बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं। तेज बारिश और झीलों के लगभग भर जाने से मुंबईवासियों को फिलहाल पानी की कमी की चिंता नहीं है। हालांकि, गणेशोत्सव के अंतिम दिन भारी बारिश और समुद्री ज्वार प्रशासन और भक्तों के लिए चुनौती साबित हो सकती है।
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