लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शनिवार को आयोजित परिवहन विभाग के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण जनता सेवा की शुरुआत की। इसके तहत प्रदेशभर में 250 बसें संचालित होंगी। प्रत्येक डिपो की 10% फ्लीट ग्रामीण जनता सेवा के लिए समर्पित रहेगी। ये बसें 75-80 किलोमीटर तक के गांवों को जोड़ेगी और किराया सामान्य किराए से 20% कम होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन सेवाओं को बेहतर और सुलभ बनाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। अब 1.50 लाख जनसुविधा केंद्रों के माध्यम से आरटीओ से जुड़े 48 कार्यों के लिए आवेदन किया जा सकेगा। इसके अलावा 8 इलेक्ट्रिक एसी डबल डेकर बसें, 16 इलेक्ट्रिक बसें, 10 सीएनजी बसें, 43 आयशर और 20 टाटा कंपनी की बसें समेत 400 बीएस-6 बसों का भी शुभारंभ हुआ।
#WATCH | Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath inaugurates the upgradation of Jupiter Auditorium at Indira Gandhi Pratishthan and lays the foundation stone for the renovation works of Mercury Auditorium in Lucknow. pic.twitter.com/rY2xaLta7h
— ANI (@ANI) September 6, 2025
सीएम ने अपने संबोधन में परिवहन विभाग की जिम्मेदारी और समयबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोरोना और कुंभ जैसे बड़े आयोजनों में विभाग ने अपनी क्षमता साबित की है। अब सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने “नो हेलमेट-नो फ्यूल” जैसे अभियानों को आगे बढ़ाने पर बल दिया और कहा कि छोटे प्रयास भी सड़क दुर्घटनाएं कम करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
ग्रामीण जनता सेवा की बसों का किराया 1.04 रुपये प्रति किलोमीटर तय किया गया है, जिससे यात्रियों का बोझ घटेगा। चालक-परिचालकों को भी अधिक लाभ मिलेगा| 2.18 रुपये प्रति किलोमीटर भुगतान के साथ बेहतर लोड फैक्टर पर अतिरिक्त कमीशन और प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग को नेट-जीरो उत्सर्जन की दिशा में कार्य करना होगा और नगर निकायों के साथ मिलकर तीन लाख नई नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य है। इस पहल से ग्रामीण यात्रियों, छोटे कारोबारियों और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि फल, सब्जी और दूध जैसी वस्तुएं अब सस्ती दरों पर आसानी से बाजार तक पहुंचाई जा सकेंगी।
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