फरार कारोबारी नीरव मोदी के जीजा मयंक मेहता जल्द ही पंजाब नेशनल बैंक (PNB) धोखाधड़ी मामले में विशेष सीबीआई अदालत के सामने उनके खिलाफ बयान देने वाले हैं। मेहता पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी तरीके से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LOUs) हासिल कर ₹23,780 करोड़ की धोखाधड़ी की। विशेष सीबीआई जज अजय विट्ठल गुजराथी ने गुरुवार (7 अगस्त )को सीबीआई की उस याचिका को मंजूरी दी जिसमें मेहता का कबूलनामा दर्ज करने की अनुमति मांगी गई थी। मेहता के वकील ने भी इस पर सहमति जताई है। अदालत ने उन्हें सोमवार (11 अगस्त)को हाजिर होकर अपना बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले ही मेहता को इस मामले में आरोपी बना चुका है। हालांकि, वे अब सरकारी गवाह (Approver) बन गए हैं। सीबीआई ने पिछले महीने अपने पूरक आरोपपत्र में मेहता, नीरव मोदी की बहन पूर्वी मोदी (मयंक मेहता की पत्नी हैं) और आदित्य नानावटी (फायरस्टार ग्रुप, हांगकांग के एशिया पैसिफिक हेड) को नामजद किया।
सीबीआई के आरोपपत्र के अनुसार, LOUs के जरिये प्राप्त रकम को Pacific Diamond FZE नामक नीरव मोदी की शेल कंपनी (यूएई स्थित) में भेजा गया। वहां से यह पैसा लेन-देन के जटिल जाल के माध्यम से मेहता के खाते में आया। जांच में खुलासा हुआ कि $30 मिलियन (करीब ₹250 करोड़) मेहता के खाते में ट्रांसफर किए गए, जिन्हें उन्होंने 13 नवंबर 2013 से 26 नवंबर 2013 के बीच 10 किश्तों में पूर्वी के खाते में भेज दिया। पूर्वी ने इसे अपने पति की तरफ से मिला गिफ्ट बताया। इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में मयंक मेहता का कबूलनामा नीरव मोदी के खिलाफ सबूत मजबूत कर सकता है, साथ ही ₹23,780 करोड़ के पीएनबी घोटाले की जांच को निर्णायक मोड़ भी दे सकता है।
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