29.5 C
Mumbai
Thursday, October 29, 2026
होमन्यूज़ अपडेटकिसानों को अब तक 25 करोड़ से ज्यादा सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित!

किसानों को अब तक 25 करोड़ से ज्यादा सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित!

1,706 करोड़ रुपए का बजटीय सहयोग

Google News Follow

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सॉइल हेल्थ कार्ड योजना के तहत किसानों को बड़ी राहत मिल रही है। नवीनतम सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2025 तक देश भर में 25 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड किसानों को बांटे जा चुके हैं। इस योजना का उद्देश्य उर्वरकों के संतुलित उपयोग को बढ़ावा देना और मृदा प्रबंधन को वैज्ञानिक आधार पर मजबूत करना है।

जानकारी के मुताबिक, फरवरी 2025 तक इस योजना को समर्थन देने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कुल 1,706.18 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही भारतीय मृदा एवं भूमि उपयोग सर्वेक्षण ने व्यापक स्तर पर सॉइल मैपिंग का काम भी पूरा किया है। इसमें लगभग 290 लाख हेक्टेयर भूमि, जिसमें आधिकारिक तौर पर चिन्हित 40 आकांक्षी जिले शामिल हैं, को 1:10,000 पैमाने पर मैप किया गया है।

किसानों को उर्वरक उपयोग में मार्गदर्शन देने के लिए अब तक 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 1,987 विलेज-लेवल सॉइल फर्टिलिटी मैप्स भी बनाए जा चुके हैं। इन मैप्स की मदद से किसान अपनी मिट्टी और फसलों की जरूरत के हिसाब से उचित विकल्प चुन सकते हैं।

गौरतलब है कि वर्ष 2015 को अंतरराष्ट्रीय मृदा वर्ष के रूप में चिह्नित किया गया था। इसी दिन, 19 फरवरी 2015, को भारत ने ऐतिहासिक सॉइल हेल्थ कार्ड योजना की शुरुआत की थी। इसका औपचारिक शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के सूरतगढ़ से किया था। इस योजना के अंतर्गत किसानों को उनकी भूमि की पोषक स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट दी जाती है ताकि वे टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपना सकें।

सॉइल हेल्थ कार्ड में मिट्टी के 12 प्रमुख मापदंडों — नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम, सल्फर सहित वृहद पोषक तत्वों का विश्लेषण शामिल होता है। यह रिपोर्ट किसानों को हर दो वर्ष में उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वे समय-समय पर अपनी मिट्टी की सेहत समझ सकें और उर्वरकों, जैव-उर्वरकों तथा मृदा उपचार की सही मात्रा का उपयोग कर सकें।

वर्ष 2022-23 से इस योजना को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) के घटक के रूप में जोड़ा गया है और अब इसे ‘मृदा स्वास्थ्य और उर्वरता’ नाम से संचालित किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम किसानों को अधिक उत्पादन क्षमता और सतत कृषि की दिशा में मजबूत आधार देगा।

यह भी पढ़ें:

राजनीतिक दबाव के बीच रोका गया “द बंगाल फाइल्स” ट्रेलर का लॉन्च!

केरल SCERT के टीचर हैंडबुक में सुभाष बाबू का अपमान, गलती कहकर क़िताब ली वापिस !

मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट: भारत बनेगा दुनिया का सबसे अधिक मांग वाला उपभोक्ता बाज़ार!

National Stock Exchange

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited
[td_block_social_counter open_in_new_window="y" style="style6 td-social-boxed" block_template_id="td_block_template_9" border_color="#fbd54a" f_header_font_size="26" f_header_font_weight="700" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXRvcCI6IjAiLCJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJwYWRkaW5nLXRvcCI6IjAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn19" custom_title="हमें फॉलो करें" facebook="NewsDankaHindi" twitter="NewsDanka" youtube="channel/UCqtL0xCsgAmB3XXrh9nln2Q" manual_count_twitter="526" f_header_font_family="668"]

अन्य लेटेस्ट खबरें