इंजन खराबी के बाद बीच रास्ते से लौटी स्पाइसजेट की लेह फ्लाइट

दिल्ली एयरपोर्ट पर ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित

इंजन खराबी के बाद बीच रास्ते से लौटी स्पाइसजेट की लेह फ्लाइट

SpiceJet flight to Leh returns mid-way after engine failure

नई दिल्ली से लेह जा रही स्पाइसजेट की एक फ्लाइट को मंगलवार (24 फरवरी) को टेक-ऑफ के कुछ ही समय बाद तकनीकी खराबी के कारण वापस दिल्ली लौटना पड़ा। विमान में सवार करीब 150 यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

एयरलाइन अधिकारियों के अनुसार, बोइंग 737 विमान, जो फ्लाइट SG121 के रूप में संचालित हो रहा था, के एक इंजन में उड़ान के दौरान समस्या का संकेत मिला। एहतियातन पायलटों ने उड़ान रद्द करने का निर्णय लिया और विमान को दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया। इस दौरान दिल्ली एयरपोर्ट पर ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित की गई।

एयरलाइन के प्रवक्ता ने पीटीआई को बताया कि तकनीकी खराबी के कारण विमान को वापस लाया गया। बयान में कहा गया, “विमान सुरक्षित रूप से उतर गया और सभी यात्रियों को सामान्य रूप से उतार लिया गया।” एयरलाइन ने बताया कि विमान की जांच की जा रही है और यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, समस्या विमान के दूसरे इंजन में आई खराबी से संबंधित थी। चूंकि लेह उच्च ऊंचाई वाला हवाई अड्डा है और वहां का भू-भाग तथा मौसम चुनौतीपूर्ण रहता है, इसलिए इस रूट पर विमानों का पूरी तरह तकनीकी रूप से सक्षम होना अत्यंत आवश्यक माना जाता है।

इस घटनाक्रम के बीच विमानन क्षेत्र से जुड़ा एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम भी सामने आया है। सर्वोच्च न्यायलय ने कस्टम विभाग द्वारा दायर पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज कर दिया है। विभाग ने विदेश में मरम्मत के बाद भारत लाए गए विमानों और विमान पुर्जों पर एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (IGST) को पूर्व प्रभाव से लागू करने की मांग की थी। यह फैसला इंटरग्लोब एविएशन और स्पाइसजेट जैसी कंपनियों के लिए राहत माना जा रहा है।

न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और केवी विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि याचिकाओं और संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा के बाद उन्हें अपने पूर्व निर्णय में कोई स्पष्ट त्रुटि या पुनर्विचार का पर्याप्त आधार नहीं मिला, इसलिए याचिकाएं खारिज की जाती हैं। इससे पहले जुलाई में भी शीर्ष अदालत ने विभाग की अपील को अस्वीकार कर दिया था। अदालत ने तब टिप्पणी की थी कि यदि 2017 की अधिसूचना में IGST शामिल नहीं था, तो 2021 के संशोधन के जरिए उसे पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता।

फिलहाल स्पाइसजेट की फ्लाइट से जुड़े तकनीकी कारणों की जांच जारी है और यात्रियों को आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक प्रबंध उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

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