28.5 C
Mumbai
Thursday, October 29, 2026
होमन्यूज़ अपडेट“किसी को तो जवाबदेह होना ही होगा”; ऑनलाइन अश्लील सामग्री पर सुप्रीम...

“किसी को तो जवाबदेह होना ही होगा”; ऑनलाइन अश्लील सामग्री पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा

‘तटस्थ, स्वतंत्र और स्वायत्त’ रेगुलेटरी बॉडी की जरूरत

Google News Follow

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (27 नवंबर)को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से बढ़ रही अश्लील और विवादित सामग्री को लेकर कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब एक “तटस्थ, स्वतंत्र और स्वायत्त” रेगुलेटरी बॉडी बनाई जाए, जो डिजिटल कंटेंट की निगरानी कर सके। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस आवश्यकता पर जोर दिया।

यह टिप्पणी उस दौरान आई जब पॉडकास्टर रणवीर अल्लाहबादिया और अन्य यूट्यूबर्स की याचिकाओं पर सुनवाई हो रही थी। ये याचिकाएँ कॉमेडियन समय रैना के शो “इंडियाज़ गॉट लेटेंट” में अश्लील सामग्री को लेकर दर्ज FIRs को चुनौती देती हैं। सुनवाई के दौरान CJI सूर्या कांत ने कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स पर किसी भी प्रकार की जवाबदेही नहीं है,  “तो मैं अपना चैनल बनाऊं, और मैं किसी के प्रति जवाबदेह न रहूं… किसी को तो जवाबदेह होना ही होगा!”

पीठ ने कहा कि डिजिटल स्पेस को पूर्ण स्वतंत्रता नहीं दी जा सकती, विशेषकर तब जब इसका दुरुपयोग बढ़ रहा हो।अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार ऑनलाइन कंटेंट रेगुलेशन के लिए नए दिशानिर्देश तैयार कर रही है।

SG मेहता ने कहा,“मैंने संबंधित मंत्री से बात की है। अश्लीलता से निपटने से पहले, हमें गलत कामों से निपटना होगा। कोई भी YouTube चैनल बना सकता है, बोलने की आज़ादी की आड़ में कुछ भी कह सकता है, और कानून बेबस है। ऐसा नहीं चल सकता।”

उन्होंने यह भी कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा जरूरी है, लेकिन यह विकृति तक नहीं पहुंचनी चाहिए। उनके अनुसार, यदि किसी कार्यक्रम में वयस्क सामग्री है, तो पहले से स्पष्ट चेतावनी दी जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय विरोधी कंटेंट का मुद्दा भी उठाया गया। जस्टिस बागची ने पूछा, “जहां कंटेंट को एंटी-नेशनल माना जाता है, क्या कंटेंट क्रिएटर इसकी ज़िम्मेदारी लेगा?”

उन्होंने यह भी चिंता जताई कि आपत्तिजनक सामग्री अपलोड होने के कुछ ही मिनटों में लाखों दर्शकों तक पहुंच जाती है, और तब तक अधिकारियों के लिए कार्रवाई करना कठिन हो जाता है। प्रशांत भूषण एक दिव्यांग प्रोफेसर की ओर से उपस्थित थे, उन्होंने ‘राष्ट्रविरोधी’ लेबलिंग के मनमाने उपयोग पर चिंता जताई। जिस पर जस्टिस बागची ने कहा,“मान लीजिए कि कोई वीडियो है जो दिखाता है कि यह हिस्सा भारत का हिस्सा नहीं है, तो आप उसके बारे में क्या करेंगे?”

यह भी पढ़ें:

मध्य प्रदेश: ‘ब्राह्मण बेटियों’ वाली टिप्पणी को लेकर IAS संतोष वर्मा को नोटिस

दिल्ली-यूपी समेत 10 राज्यों में 15 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, मेडिकल कॉलेजों में रिश्वतखोरी के आरोप

सिद्धारमैया ने पावर-शेयरिंग से किया इनकार, शिवकुमार ने खोला दावा—हाईकमान गहरी दुविधा में

National Stock Exchange

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited
[td_block_social_counter open_in_new_window="y" style="style6 td-social-boxed" block_template_id="td_block_template_9" border_color="#fbd54a" f_header_font_size="26" f_header_font_weight="700" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXRvcCI6IjAiLCJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJwYWRkaW5nLXRvcCI6IjAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn19" custom_title="हमें फॉलो करें" facebook="NewsDankaHindi" twitter="NewsDanka" youtube="channel/UCqtL0xCsgAmB3XXrh9nln2Q" manual_count_twitter="526" f_header_font_family="668"]

अन्य लेटेस्ट खबरें