23.9 C
Mumbai
Tuesday, January 20, 2026
होमन्यूज़ अपडेटआसाम: पूर्वी सीमा के तेजपुर एयर फोर्स स्टेशन की उन्नती के लिए...

आसाम: पूर्वी सीमा के तेजपुर एयर फोर्स स्टेशन की उन्नती के लिए 382.82 एकड़ भूमि का होगा अधिग्रहण

Google News Follow

Related

केंद्र सरकार ने आसाम के सोनितपुर जिले के बोकाजन गांव में स्थित 382.82 एकड़ निजी भूमि के अधिग्रहण को औपचारिक रूप से अधिसूचित कर दिया है। इस भूमि का उपयोग भारतीय वायुसेना के तेजपुर एयर फोर्स स्टेशन की उन्नती और विस्तार के लिए किया जाएगा। भारत की पूर्वी वायु सुरक्षा क्षमताओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में इसे अहम् फैसला माना जा रहा है।

इस अधिसूचना के साथ ही रक्षा मंत्रालय को भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाले कानून, 2013 के तहत अधिकार प्रदान किए गए हैं। यह प्रक्रिया राष्ट्रपति की निगरानी के अधीन रहेगी। अधिग्रहित भूमि का उपयोग बुनियादी ढांचे के विकास, उन्नत हथियार प्रणालियों की तैनाती और रणनीतिक परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए किया जाएगा, जो विशेष रूप से तेजपुर में तैनात भारतीय वायुसेना की 11 विंग की परिचालन क्षमताओं को बढ़ाएगा।

तेजपुर एयर फोर्स स्टेशन भारत की पूर्वी रक्षा संरचना में अत्यंत रणनीतिक महत्व रखता है। यह चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से लगभग 150 से 200 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस बेस की स्थापना वर्ष 1942 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान रॉयल इंडियन एयर फोर्स द्वारा की गई थी और 1959 में इसे पूर्ण वायुसेना अड्डे के रूप में विकसित किया गया।

अपने लंबे इतिहास में इस बेस ने डी हैविलैंड वैम्पायर, दसॉल्ट ओरागन, मिग-21 जैसे विमानों की मेजबानी की है और वर्तमान में यहां सुखोई सु-30 एमकेआई लड़ाकू विमान तैनात हैं। यह एयर बेस ईस्टर्न एयर कमांड के अंतर्गत आता है और संभावित घुसपैठ या सैन्य चुनौती की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है।

तेजपुर में स्थित 11 विंग में नंबर 106 स्क्वाड्रन शामिल है, जो SU-30 एमकेआई स्क्वाड्रनों का संचालन करती है। यह विंग वायु रक्षा, आक्रामक काउंटर-एयर अभियानों और ग्राऊंड सप्पोर्ट में अहम भूमिका निभाती है। मौजूदा भूमि अधिग्रहण को उत्तरी सीमाओं पर बढ़ते तनाव के बीच चल रहे आधुनिकीकरण प्रयासों के अनुरूप माना जा रहा है।

अधिग्रहण अधिसूचना में 2013 अधिनियम की धारा 3 के खंड (e) के उपखंड (v) का उल्लेख किया गया है, जिसके तहत रक्षा मंत्रालय को इस उद्देश्य के लिए ‘उपयुक्त सरकार’ नामित किया गया है। इससे भविष्य में उन्नत प्रणालियों और अत्याधुनिक तकनीकों के एकीकरण का मार्ग प्रशस्त होगा।

हालांकि किन उन्नत हथियार प्रणालियों को तैनात किया जाएगा, इसका खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन यह कदम पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारत की वायु श्रेष्ठता को मजबूत करने का संकेत देता है। सोनितपुर जिला पहले भी रक्षा से जुड़े भूमि विस्तारों का गवाह रहा है, जो क्षेत्र में बढ़ती सैन्य उपस्थिति को दर्शाता है।

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिकी बी-24 लिबरेटर विमानों द्वारा उपयोग किए गए रनवे से लेकर आज के आधुनिक फाइटर बेस तक, तेजपुर एयर फोर्स स्टेशन का विकास भारत की बदलती रणनीतिक जरूरतों का प्रतिबिंब है। नई भूमि से रनवे विस्तार, हैंगर निर्माण और अगली पीढ़ी की परिसंपत्तियों को समायोजित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

समग्र रूप से, तेजपुर एयर फोर्स स्टेशन का यह उन्नयन ‘चिकन नेक’ के पूर्व में भारत की बहुस्तरीय वायु रक्षा संरचना को मजबूत करेगा और सीमा पार खतरों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएगा। यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा, आत्मनिर्भर रक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें:

शब्दोत्सव 2026: ‘इतिहास’ शब्द भारत की देन, वेद जितना प्राचीन हमारा इतिहास- आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण!

शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने राहुल गांधी को दी देश की नागरिकता छोड़ने की सलाह​!

पूर्वांचल गौरव सम्मान से आर.एन. सिंह सम्मानित, देशभक्ति से सजा 15वां वार्षिकोत्सव

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,391फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
287,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें