बांग्लादेश क्रिकेट में T20 वर्ल्ड कप से टीम के बाहर होने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब बांग्लादेश सरकार ने इस पूरे मामले की दोबारा जांच के आदेश दे दिए हैं, जिससे बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खेल मंत्री अमीनुल हक ने ताजा जांच का आदेश देते हुए कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि आखिर बांग्लादेश टीम का टूर्नामेंट से बाहर होना कूटनीतिक विफलता था या किसी अन्य कारण का नतीजा।
दरअसल, बांग्लादेश की टीम ने आईसीसी T20 विश्व कप में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद(ICC) ने उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। उसकी जगह स्कॉटलैंड को आखिरी समय में मौका दिया गया। टीम की कप्तानी विकेटकीपर-बल्लेबाज लिटन दास को सौंपी जानी थी, लेकिन अचानक फैसले के चलते पूरी टीम को टूर्नामेंट टीवी पर देखने के लिए मजबूर होना पड़ा।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में बनी नई सरकार, जिसकी अगुवाई तारिक रहमान कर रहे हैं, इस विवाद को खत्म करने के मूड में नहीं दिख रही। दिलचस्प बात यह है कि BCB ने पहले इस मामले की जांच को बंद करने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इसके उलट नया जांच आयोग गठित करने का फैसला लिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, BCB अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने कथित तौर पर अंतरिम सरकार के दबाव में टीम को भारत भेजने से इनकार किया था। उस समय सरकार का नेतृत्व मुहम्मद यूनुस कर रहे थे। अब नई सरकार इस फैसले की जड़ तक जाने की कोशिश कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह प्रशासनिक चूक थी या राजनीतिक हस्तक्षेप।
खेल मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि पिछले BCB चुनावों में अनियमितताओं की शिकायतें भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्तर क्लब और जिलों से मिली शिकायतों के आधार पर एक अलग जांच समिति बनाई गई है। मंत्री के अनुसार, पिछली सरकार के दौरान क्रिकेट बोर्ड के चुनाव में सीधे हस्तक्षेप के आरोप लगे थे, जिन्हें गंभीरता से लिया जा रहा है।
इस पूरे विवाद का असर भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी पड़ा है। खेल मंत्री ने संकेत दिया कि नई सरकार भारत के साथ संबंध सुधारने की दिशा में काम कर रही है, जो पिछली सरकार के फैसलों से प्रभावित हुए थे। फिलहाल, यह देखना अहम होगा कि नई जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और क्या इससे बांग्लादेश क्रिकेट प्रशासन में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं।
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