यह मामला अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान आयोजित ‘सेबाश्रय’ स्वास्थ्य शिविर से जुड़ा है।
यह एफआईआर एक निजी टूरिस्ट रिसॉर्ट के मालिक की शिकायत पर दर्ज की गई थी। मालिक का आरोप है कि अभिषेक, रॉय और उनके कई सहयोगियों ने स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के लिए उनकी प्रॉपर्टी पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा कर लिया था।
शिकायत के अनुसार, रिसॉर्ट पर लगभग 40 दिनों तक जबरदस्ती कब्जा बनाए रखा गया, जिससे वह टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर काम नहीं कर पाया और भारी आर्थिक नुकसान हुआ। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रिसॉर्ट मैनेजमेंट को स्वास्थ्य शिविर में शामिल डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के रहने और खाने-पीने की व्यवस्था करने के लिए मजबूर किया गया।
उन्होंने दावा किया कि इन व्यवस्थाओं का पूरा खर्च रिसॉर्ट अधिकारियों को बिना किसी मुआवजे के उठाना पड़ा। रिसॉर्ट मालिक ने कुल आर्थिक नुकसान का अनुमान 25 लाख रुपए से ज्यादा लगाया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय तृणमूल कार्यकर्ताओं ने धमकी दी थी कि अगर शिविर के लिए अनुमति नहीं दी गई तो वे प्रॉपर्टी में तोड़फोड़ करेंगे, जिससे मैनेजमेंट के पास बात मानने के अलावा कोई चारा नहीं बचा।
शिकायत के आधार पर, डायमंड हार्बर जिला पुलिस ने कानून की संबंधित धाराओं के तहत अभिषेक बनर्जी, सुमित रॉय और कई अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
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