अधिकारियों के अनुसार, एनआईए को गुप्त सूचना मिली थी कि नलहाटी इलाके में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जमा की गई है। इसी सूचना के आधार पर एनआईए की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया।
जांच एजेंसी गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि विस्फोटक किसने जमा किया, इसे कहां से लाया गया और आखिर इसे किस मकसद से रखा गया था।
एनआईए इस पहलू की भी जांच कर रही है कि बरामद विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किसी व्यावसायिक काम के लिए होना था या इसके पीछे किसी बड़े षड्यंत्र या तोड़फोड़ की योजना थी। जांच के तहत अमोनियम नाइट्रेट और डेटोनेटर को फोरेंसिक जांच के लिए भी भेजा जा सकता है।
अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग आमतौर पर विस्फोटक बनाने, उर्वरक, खनन और निर्माण कार्यों में किया जाता है। लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में इसे डेटोनेटर के साथ एक जगह रखा जाना जांच एजेंसियों के संदेह को और मजबूत कर रहा है। शुरुआती तौर पर अधिकारियों को आशंका है कि इसका इस्तेमाल किसी आपराधिक या तोड़फोड़ की घटना में किया जा सकता था, हालांकि इसकी पुष्टि के लिए जांच जारी है।
घटना के बाद नलहाटी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए एनआईए ने अभी अधिक जानकारी साझा नहीं की है। पूछताछ के दौरान व्यक्ति ने कई लोगों के नाम बताए हैं, जिसके बाद उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।
आरोपी को एनआईए की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही एजेंसी बरामद विस्फोटक के स्रोत और इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगा रही है। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से आने वाले दिनों में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।
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