इस बैठक में तार पार सीमावर्ती क्षेत्र की समस्याओं से लेकर बीज बिल, जल विवाद, खाद्य सुरक्षा और किसानों से जुड़े विभिन्न विषय प्रमुख रूप से उठाए गए।
मुलाकात के दौरान सीएम मान ने कहा कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां की अर्थव्यवस्था किसानों पर आधारित है। ऐसे में बिना पंजाब सरकार से परामर्श किए संसद में बीज बिल लाए जाने पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई।
बैठक में सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया। इसके अलावा, फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) में जनरल मैनेजर (जीएम) के पद पर पंजाब कैडर के अधिकारी की नियुक्ति की भी मांग की गई।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मुलाकात की जानकारी देते हुए एक्स पोस्ट में लिखा, “आज दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी से मुलाकात की। इस दौरान तार पार सीमावर्ती क्षेत्र और बीज बिल सहित कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।”
उन्होंने आगे लिखा, “पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, इसलिए बिना पंजाब से परामर्श किए संसद में बीज बिल ना लाए जाने का मुद्दा उठाया। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि पंजाब के पास अतिरिक्त पानी नहीं है, इसलिए एसवाईएल के मुद्दे को भी समाप्त किया जाए।
यूपी में न्यायिक व्यवस्था से जुड़े कार्य पूरा होने में देर नहीं लगती : मुख्यमंत्री योगी!



