मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को विधानसभा में इसकी घोषणा करते हुए बताया कि समिति के सदस्यों के नाम भी तय कर दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिति समान नागरिक संहिता से जुड़े सभी कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का विस्तार से अध्ययन करेगी। इसके अलावा विभिन्न हितधारकों के सुझावों और आवश्यक पहलुओं पर विचार करने के बाद अपनी सिफारिशों के साथ रिपोर्ट तैयार करेगी।
देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य आगामी नागपुर शीतकालीन विधानसभा सत्र में समान नागरिक संहिता से संबंधित विधेयक पेश करना है।
समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और पारिवारिक मामलों से जुड़े कानूनों में सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था लागू करना है। महाराष्ट्र सरकार की इस पहल को राज्य में यूसीसी लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब समिति की रिपोर्ट और आगामी शीतकालीन सत्र में सरकार की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।
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