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विवेकानंद रॉक मेमोरियल में ध्यान में बैठे पीएम मोदी,​ 45 घंटे​ की रहेगी साधना!

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​​​लोकसभा चुनाव के लिए पिछले डेढ़ महीने से प्रचार जोरों पर था, जो आज ठंडा पड़ गया है। ​​​पीएम मोदी ने ‘अब की बार 400 पार’ नारे के साथ जोरदार प्रचार किया​|​ इस दौरान उन्होंने 206 सभाएं और रोड शो किये​|​ तो 80 से ज्यादा इंटरव्यू दिए गए​|​ इस बीच, प्रचार सभाओं की दो सौ​ वीं वर्षगांठ मनाने के बाद,​पीएम​ मोदी ने ध्यान करना शुरू कर दिया है।

​​प्रधानमंत्री मोदी ने कन्याकुमारी समुद्र तट पर स्थित विवेकानन्द रॉक मेमोरियल में ध्यान शुरू कर दिया है। उन्होंने आज शाम 6.45 बजे यहां ध्यान करना शुरू किया। वह अगले 45 घंटे तक ध्यान करेंगे​|​ एक रिपोर्ट के ​अनुसार​, इस दौरान वे चुप रहेंगे और सिर्फ नारियल पानी, अंगूर का जूस या इसी तरह के खाद्य पदार्थों का सेवन करेंगे​|​ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 जून की शाम तक ध्यान करेंगे, उसके बाद दिल्ली के लिए रवाना हो जायेंगे​|​

​​​पीएम मोदी की सुरक्षा को लेकर इन दो दिनों के दौरान यात्रियों को कन्याकुमारी समुद्र तट पर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जानकारी के ​अनुसार​ गुरुवार से शनिवार ​तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है​|​ साथ ही यहां पर पुलिस की एक बड़ी टुकड़ी तैनात कर दी गई है​| इस बीच प्रधानमंत्री मोदी आज शाम अपना प्रचार अभियान खत्म कर वाराणसी से कन्याकुमारी पहुंचे​|​ इसके बाद उन्होंने सबसे पहले भगवती अम्मन मंदिर में पूजा की​|​ पूजा के बाद वह सीधे विवेकानन्द रॉक मेमोरियल पहुंचे।

​2019 में केदारनाथ गुफा में किया था ध्यान: 2019 में भी प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद ध्यान किया था। लोकसभा के आखिरी चरण के चुनाव प्रचार के बाद प्रधानमंत्री मोदी उत्तराखंड के केदारनाथ गए | उन्होंने वहां रूद्र गुफा में तपस्या की। इस बार वह कन्याकुमारी गए हैं|

​​इस साल कन्याकुमारी को क्यों चुना?: स्वामी विवेकानंद ने कन्याकुमारी के शिला स्मारक पर ध्यान करने के बाद भारत के लिए अपने विचार व्यक्त किये। इस स्थान का स्वामी विवेकानन्द पर बहुत प्रभाव पड़ा। जिस प्रकार गौतम बुद्ध के जीवन में सारनाथ की भूमि एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जाती है, उसी प्रकार विवेकानन्द के जीवन में कन्याकुमारी की पहाड़ियों का अद्वितीय महत्व कहा जाता है।​ ​पूरे देश का भ्रमण करने के बाद स्वामी विवेकानन्द यहाँ आये, उन्होंने तीन दिन तक यहीं ध्यान किया।

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