सैन्य वीरता का सम्मान: पीएम मोदी ने भारतीय सेनाओं, खुफिया एजेंसियों, वैज्ञानिकों और सशस्त्र बलों की सराहना की और उनके साहस को समर्पित किया।
आतंकवाद के खिलाफ कठोर रुख: पीएम मोदी ने आतंकवादियों को पाकिस्तान से मिलने वाली शरण का जिक्र करते हुए, भारत की सेनाओं को पूरी छूट दी और पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश दिया कि भारत अपनी बहनों और बेटियों के माथे से सिंदूर नहीं हटने देगा।
ऑपरेशन सिंदूर का महत्व: ऑपरेशन सिंदूर को केवल एक सैन्य अभियान नहीं बल्कि न्याय की अखंड प्रतिज्ञा के रूप में प्रस्तुत किया गया। यह भारत के एकजुटता और आत्मविश्वास का प्रतीक बन गया।
पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई पर उसकी निराशा और हताशा भी सामने आई, जिसके कारण पाकिस्तान ने भारत पर हमला करने का दुस्साहस किया।
भारत की सैन्य क्षमता और तकनीकी प्रगति: पीएम मोदी ने भारत के मिसाइल और ड्रोन हमलों की सफलता और सटीकता का जिक्र किया, साथ ही मेड इन इंडिया हथियारों की गुणवत्ता को भी स्वीकार किया। इसने भारतीय सैन्य सामर्थ्य को सिद्ध किया।
आतंकवाद के खिलाफ ‘नई लकीर’: ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के नीति में एक नया मानक स्थापित किया है, जो भविष्य में भी पाकिस्तान और अन्य आतंकवादी संगठनों के लिए एक चेतावनी साबित होगा।
आतंकवाद को समाप्त करने की प्रतिबद्धता: प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आतंकवाद को समाप्त करने के लिए निरंतर निर्णायक कदम उठाता रहेगा, और भविष्य में पाकिस्तान के हर कदम को कड़ी नजर से देखा जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘साथियों! युद्ध के मैदान पर हमने हर बार पाकिस्तान को धूल चटाई है और इस बार ऑपरेशन सिंदूर ने नया आयाम जोड़ा है। हमने रेगिस्तान और पहाड़ों में अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है। साथ ही न्यू एज वारफेयर में भी अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। इस ऑपरेशन के दौरान हमारे मेड इन इंडिया हथियारों की प्रामाणिक सिद्ध हुई। आज दुनिया देख रही है कि 21वीं सदी के वारफेयर में मेड इन इंडिया डिफेंस उपकरणों का समय आ चुका है।’



