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Friday, July 10, 2026
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पीएमएवाई-जी योजना के तहत 12 राज्यों को मिले 10,021 करोड़ रुपए!

असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश राज्यों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह मंजूरी जारी की गई।

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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत 12 राज्यों को 10,021.42 करोड़ रुपए की ‘मूल स्वीकृति’ जारी की, जो मार्च 2029 तक ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश राज्यों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यह मंजूरी जारी की गई।

शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि योजना के तहत 4.95 करोड़ घरों के लक्ष्य के मुकाबले 3.91 करोड़ घरों के लिए पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है और 3.05 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण पूरा हो चुका है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 11,121 करोड़ रुपए की मंजूरी पहले ही जारी की जा चुकी है और अब 10,021 करोड़ रुपए से अधिक की अतिरिक्त मंजूरी भी जारी कर दी गई है।

उन्होंने आगे कहा कि चालू वर्ष के लिए आवास लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में तीन गुना अधिक है और केंद्र एवं राज्यों के समन्वित प्रयासों से इसे समयबद्ध तरीकों से हासिल कर लिया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि देश में कोई भी गरीब व्यक्ति कच्चे मकान में न रहे। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण 2016 में शुरू की गई थी।”

उन्होंने कहा, “जब घर अच्छा होता है तो जीवन आसान हो जाता है। हम केवल घर नहीं बना रहे हैं, बल्कि बुनियादी सुविधाएं जैसे सड़कें, बिजली, पीने का पानी, एलपीजी कनेक्शन और शौचालय आदि से सुसज्जित घर बना रहे हैं।”

शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कई राज्यों ने मानसून पहल की हैं, जैसे हेल्पलाइन, शिकायत निवारण प्रणाली, वर्षा जल संचयन, स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका संवर्धन और राजमिस्त्री प्रशिक्षण कार्यक्रम, उनसे योजना के लक्ष्यों की प्राप्ति में तेजी आई है।

महिला सशक्तिकरण पर मंत्री ने कहा कि पीएमएवाई-जी के तहत स्वीकृत लगभग 75 प्रतिशत घर या तो महिलाओं के नाम पर हैं या संयुक्त स्वामित्व में हैं, जिससे महिलाओं की गरिमा, आत्मसम्मान और सामाजिक सुरक्षा मजबूत होती है।

शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि जिन मामलों में गरीब परिवारों के पास जमीन नहीं होती, वहां आवास निर्माण प्रभावित होता है। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे ऐसे पौधों को जमीन उपलब्ध कराने और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने के लिए विशेष पहल करें।

उन्होंने राज्यों से आवंटन प्रतिबंधों का समय पर निपटान सुनिश्चित करने, समेकित घरों के निर्माण में तेजी से लाने और स्वीकृत पूर्णता का शीघ्र उपयोग सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया।

उन्होंने आगे कहा कि कुछ राज्य अभी भी अपने 2024-25 और 2025-26 के लक्ष्यों के अनुरूप आधारित प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं और उन्होंने उनसे 30 जून, 2026 तक इस प्रक्रिया को पूरा करने का आग्रह किया।

मंत्री ने पीएमएवाई-जी योजना के प्रत्येक लाभार्थी से 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की।

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