पार्टी ने अपने बयान में कहा कि इन सभी सांसदों के जुड़ने से संगठन की जनसेवा की भावना को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही यह सामूहिक प्रयास देश के विकास और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
बता दें कि नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल है, जो जून 2026 में राष्ट्रीय स्तर पर उस समय चर्चा में आया था, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 बागी सांसदों ने पार्टी में विलय की घोषणा की थी। इन सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ राजनीतिक रूप से जुड़ने के उद्देश्य से एनसीपीआई का दामन थामा था।
20 सांसदों के इस विलय को पश्चिम बंगाल की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर आने वाले समय में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।
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