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Friday, July 17, 2026
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जिस देश का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, उसका भविष्य भी मजबूत होगा : राजनाथ सिंह! 

इसलिए हम आगे भी, भविष्य में इसी प्रकार, कार्य करते रहेंगे। राजनाथ सिंह नई दिल्ली में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) तकनीकी संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।  

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हमारा लक्ष्य केवल भारत के नक्शे पर सड़कें बनाना नहीं है, बल्कि भारत के हर नागरिक के मन में, यह विश्वास बनाना है, कि देश का कोई भी कोना अब दूर नहीं है। यह बात गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि हम यह समझते हैं, कि जिस देश का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा, उसी देश का फ्यूचर भी सबसे मजबूत होगा।
इसलिए हम आगे भी, भविष्य में इसी प्रकार, कार्य करते रहेंगे। राजनाथ सिंह नई दिल्ली में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) तकनीकी संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सड़क, रेल, हवाई मार्ग और डिजिटल कनेक्टिविटी के साथ-साथ हमने वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के अंतर्गत, हम सीमावर्ती गाँवों को, जिन्हें कभी अंतिम गाँव कहा जाता था, उन्हें हम देश के प्रथम गाँव के रूप में विकसित कर रहे हैं। हमने यह सुनिश्चित किया है, कि देश का कोई भी नागरिक मुख्यधारा से कटा हुआ महसूस न करे। और बीआरओ ने इस निश्चय को पूरा करने में, बड़ी भूमिका निभाई है।

यहां राजनाथ सिंह ने कहा, “हमारा प्रयास हो कि हम ऐसा भारत बनाएँ, जहाँ सीमाएँ केवल सुरक्षित ही न हों, बल्कि सबसे जुड़ी हुई भी हों। जहाँ विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा एक ही मार्ग पर एक साथ चले। जहाँ हर निर्माण, राष्ट्रनिर्माण का पर्याय बन जाए।

मुझे पूरा विश्वास है कि आप इस दिशा में सकारात्मक प्रयास करेंगे।” उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है, कि हर इंजीनियर हर बार जीरो से शुरू करके, नए सिरे से परेशान होकर ही सीखे। बल्कि वह अपने पहले के इंजीनियर्स के अनुभवों से सीखे, उनके संघर्ष और उनकी कामयाबी से सीखे।

रक्षा मंत्री राजनाथ ने सुझाव दिया कि इस नॉलेज को हमारे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट तक ले जाया जाए, ताकि नए लोग व शोधकर्ता इससे नई चीजें सीख सकें। मुझे विश्वास है कि आप इस दिशा में कदम बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा, “मैं यह भी कहना चाहूँगा, कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए एक सामूहिक प्रयास की आवश्यकता होती है।

औद्योगिक को इनोवेशन करना होगा, शिक्षा को रिसर्च में आगे बढ़ना होगा, इंजीनियर्स को समाधान विकसित करने होंगे, और एडमिनिस्ट्रेटर्स को उन्हें जमीन पर उतारना होगा। हमें मिलकर एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना होगा, जो एक्सेलेंस को प्रोत्साहित करे और जहाँ हर हितधारक मिलकर अपनी भूमिका पूरी निष्ठा से निभाए।”

राजनाथ सिंह ने कहा कि बीआरओ के कामों की प्रासंगिकता भी, आने वाले युग में लंबे समय तक बना रहने वाली है। बीआरओ राष्ट्र की एक अनिवार्य शक्ति बना रहेगा और इसके लिए लगातार नई नई टेक्नोलॉजी अपनाते रहना आज के समय की एक बड़ी जरूरत है।

युद्ध का पहला मोर्चा कभी-कभी सीमा पर नहीं, बल्कि उस सड़क पर बनता है जो सैनिक को सीमा तक पहुँचाती है। इसलिए जो सड़क बनाता है, वह भी राष्ट्र की सुरक्षा का उतना ही बड़ा प्रहरी है।

रक्षा मंत्री ने बताया कि बीआरओ हमारे सीमावर्ती और कठिन क्षेत्रों में एयरफील्ड भी बनाता है। यानि टेक्नोलॉजी चाहे कितनी भी बदल जाए, हम चाहे जमीन से आकाश तक और आकाश से समुद्र तक कितनी भी तरक्की कर लें, पोर्ट, एयरफील्ड, रोड और टनल, इनकी भूमिका कतई कम नहीं होने वाली। वॉरफेयर का स्वरूप जितना भी बदल जाए, इस बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर का महत्व हमेशा बना रहेगा|

 
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