28.1 C
Mumbai
Sunday, July 19, 2026
होमन्यूज़ अपडेट'राज्य एसटी आयोग' से आदिवासी विकास का नया युग शुरू-भारती पवार!

‘राज्य एसटी आयोग’ से आदिवासी विकास का नया युग शुरू-भारती पवार!

भाजपा की नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री भारती प्रवीण पवार ने कहा कि राज्य कैबिनेट के इस फैसले से आदिवासी समाज की आत्मनिर्भरता और विकास की दिशा में एक नया युग आरंभ होगा।

Google News Follow

Related

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार के महाराष्ट्र में “राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग” की स्थापना को मंजूरी देने पर राजनेताओं की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। आयोग का उद्देश्य आदिवासी समाज को न्याय दिलाना है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री भारती प्रवीण पवार ने शुक्रवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राज्य कैबिनेट के इस फैसले से आदिवासी समाज की आत्मनिर्भरता और विकास की दिशा में एक नया युग आरंभ होगा।

महाराष्ट्र सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए “महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग” की स्थापना को मंगलवार को कैबिनेट से मंजूरी दे दी है। यह कदम राज्य के लाखों आदिवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा और उनके विकास में तेजी लाने हेतु अत्यंत निर्णायक माना जा रहा है। इससे आदिवासी समाज को अपनी बात रखने के लिए नया मंच मिलेगा।

पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने शुक्रवार को कहा, “यह आयोग आदिवासी समाज के लिए केवल एक प्रशासकीय निर्णय नहीं है, बल्कि यह उनके सम्मान, अधिकार और न्याय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मैं इस पहल का हृदय से स्वागत करती हूं।”

उन्होंने कहा, “वर्षों से आदिवासी समाज जिन समस्याओं से जूझता आ रहा था, अब उन्हें एक समर्पित मंच मिलेगा। इस आयोग के जरिए शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि और सरकारी योजनाओं की समस्याओं का तुरंत समाधान संभव होगा।

मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मंत्री प्रो. अशोक उइके को इस दूरदर्शी निर्णय के लिए बधाई देती हूं। यह आदिवासी समाज की आत्मनिर्भरता और विकास की दिशा में एक नया युग आरंभ करेगा।”

इससे पहले सीएम फडणवीस ने कहा था, “यह अनुसूचित जनजातियों के सशक्तीकरण और उनके अधिकारों के लिए एक निर्णायक कदम है। सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि जमीन पर काम करके दिखाती है।”

आदिवासी विकास मंत्री उइके ने कहा था, “यह आयोग आदिवासी समुदाय की आवाज के लिए एक आधिकारिक और प्रभावी मंच है। यह निर्णय उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की जीत है।”

उल्लेखनीय है कि सीएम फडणवीस के नेतृत्व में और आदिवासी विकास मंत्री प्रो. डॉ. अशोक उइके के प्रयासों से यह मांग अब मूर्त रूप ले पाई है। आयोग को वैधानिक दर्जा प्राप्त होगा, जिसमें एक अध्यक्ष और चार गैर-सरकारी सदस्य होंगे। आयोग की कार्यप्रणाली स्वतंत्र होगी और इसके संचालन हेतु लगभग 4.20 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रावधान किया गया है। इसके लिए 26 नए पदों का सृजन भी किया जाएगा।

यह भी पढ़ें-

2025 ब्रिक्स: मंत्रियों की बैठक, देशों ने खेल सहयोग बढ़ाने का लिया संकल्प!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,032फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
321,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें