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Tuesday, June 30, 2026
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अखिलेश चालाकी और चतुराई के चक्रव्यूह में खुद फंसकर रह जाएंगे : नकवी! 

"इस तरह की चालाकी और चतुराई के चक्रव्यूह में अखिलेश यादव खुद ही फंस जाएंगे। उन्हें इससे किसी भी प्रकार का फायदा नहीं मिलने वाला है, खासकर 2027 के चुनाव में।"

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव पर जमीन से जुड़े कथित घोटाले के आरोपों को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने मोहन यादव का बचाव करते हुए दावा किया कि भाजपा तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बदलने की साजिश रच रही है और इसी वजह से इस मामले में उनका नाम उछाला जा रहा है। इस पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने प्रतिक्रिया दी है।

नकवी ने बुधवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा, “इस तरह की चालाकी और चतुराई के चक्रव्यूह में अखिलेश यादव खुद ही फंस जाएंगे। उन्हें इससे किसी भी प्रकार का फायदा नहीं मिलने वाला है, खासकर 2027 के चुनाव में।”

उन्होंने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। नकवी ने कहा कि कुछ लोग जिहाद के नाम पर फसाद फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों को आम जनता स्वीकार नहीं कर रही है और इससे संबंधित लोगों को ही नुकसान हो रहा है।

भारत एक इकलौता ऐसा देश है, जहां पर सबसे ज्यादा किसी गैर मुस्लिम देशों की तुलना में मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं। यहां पर उनके संवैधानिक, आर्थिक और शैक्षणिक अधिकारों को सुरक्षित किया जा रहा है।
अगर आप लोगों को अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की इतनी ही टेंशन है, तो मेरा सुझाव है कि इन लोगों को पाकिस्तान जाकर देखना चाहिए कि वहां पर अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की स्थिति कैसी है। भारत में लगातार अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के हितों के लिए काम किया जा रहा है।

मौलाना अरशद मदनी के उस कथित बयान पर भी नकवी ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि जिहाद करना हर मुसलमान का हक है। इस पर उन्होंने कहा, “हमने पहले भी कहा है कि ये लोग जिहाद के नाम पर हो-हल्ला करने वाले हैं। देश की जनता अब इन्हें समझ चुकी है। इनके दिमाग में थोड़ी गर्मी है, जो कुछ समय में निकल जाएगी।”

इसके अलावा, नकवी ने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को कांग्रेस ने सत्ता बचाने के लिए संविधान की हत्या की थी और यह आज भी उसके दामन पर कलंक के रूप में मौजूद है।

उन्होंने कहा कि जो लोग आज संविधान की बात कर रहे हैं, उन्हें देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि आपातकाल के दौरान लोगों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे और संवैधानिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाया गया था।

नकवी ने कहा, “मैं उस समय 17 वर्ष का था, जब जेल गया था। हमारे जैसे कई नौजवान, जो कॉलेज में पढ़ते थे, जेल भेजे गए थे।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी कुछ मुद्दों पर लोगों को भड़काने की कोशिश कर रही है।

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