नकवी ने बुधवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा, “इस तरह की चालाकी और चतुराई के चक्रव्यूह में अखिलेश यादव खुद ही फंस जाएंगे। उन्हें इससे किसी भी प्रकार का फायदा नहीं मिलने वाला है, खासकर 2027 के चुनाव में।”
उन्होंने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। नकवी ने कहा कि कुछ लोग जिहाद के नाम पर फसाद फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों को आम जनता स्वीकार नहीं कर रही है और इससे संबंधित लोगों को ही नुकसान हो रहा है।
मौलाना अरशद मदनी के उस कथित बयान पर भी नकवी ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि जिहाद करना हर मुसलमान का हक है। इस पर उन्होंने कहा, “हमने पहले भी कहा है कि ये लोग जिहाद के नाम पर हो-हल्ला करने वाले हैं। देश की जनता अब इन्हें समझ चुकी है। इनके दिमाग में थोड़ी गर्मी है, जो कुछ समय में निकल जाएगी।”
इसके अलावा, नकवी ने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को कांग्रेस ने सत्ता बचाने के लिए संविधान की हत्या की थी और यह आज भी उसके दामन पर कलंक के रूप में मौजूद है।
नकवी ने कहा, “मैं उस समय 17 वर्ष का था, जब जेल गया था। हमारे जैसे कई नौजवान, जो कॉलेज में पढ़ते थे, जेल भेजे गए थे।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज भी कुछ मुद्दों पर लोगों को भड़काने की कोशिश कर रही है।
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