अखिलेश यादव कर रहे तुष्टीकरण की राजनीति और सनातन का अपमानः भाजपा!

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यंमत्री ब्रजेश पाठक ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "अखिलेश यादव सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं।

अखिलेश यादव कर रहे तुष्टीकरण की राजनीति और सनातन का अपमानः भाजपा!

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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा अयोध्या दौरे के दौरान राम मंदिर के दर्शन नहीं करने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती देने पर भाजपा के नेताओं ने पलटवार किया है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यंमत्री ब्रजेश पाठक ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “अखिलेश यादव सिर्फ तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं। वे भले ही पीला कपड़ा पहन लें और माथे पर तिलक लगा लें, लेकिन इनको सिर्फ तुष्टीकरण और मुस्लिम वोट बैंक से मतलब है। समाजवादी पार्टी के लोग कभी भी सनातन संस्कृति को स्वीकार नहीं करते हैं।”

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा, “पांच बार लोकसभा सांसद और लगातार दूसरी बार प्रदेश की बागडोर संभालने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करना, अखिलेश यादव के अहंकार को दिखाता है। इसी अहंकार ने समाजवादी पार्टी को गर्त में पहुंचा दिया है।”

भाजपा विधायक रजनी तिवारी ने कहा, “जब तक उन्हें (अखिलेश यादव) ईश्वर का आशीर्वाद नहीं मिलता, वे उनके दर्शन नहीं कर पाएंगे। उन पर ईश्वर की कृपा नहीं है, इसीलिए उन्हें न तो सद्बुद्धि मिल रही है और न ही दर्शन का अवसर।”

मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा, “वे (अखिलेश) सनातन का अपमान कर रहे हैं। इनके पिता ने भी राम भक्तों पर गोली चलवाई और इन्होंने भी अयोध्या में जाकर सनातन का अपमान किया है। इन्होंने भगवान श्री राम का दर्शन नहीं किया।”

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “हताशा और निराशा की स्थिति में ही बौखलाहट हो रही है। तो इस बौखलाहट में अखिलेश यादव परेशान हैं।”

ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि मुस्लिम वोटरों को खुश करने के लिए अखिलेश यादव ने राम मंदिर में दर्शन नहीं किए। इस पर जेडीयू के महासचिव श्याम रजक ने कहा, “मुझे उनकी सोच से कोई लेना-देना नहीं है। मैं सभी धर्मों में विश्वास करता हूं।

मेरे लिए दरगाह उतनी ही पवित्र है जितना राम मंदिर, चर्च, गुरुद्वारा, बौद्ध मठ या महावीर का जैन मंदिर। इन पवित्र स्थलों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करना लोकतंत्र के लिए नुकसानदेह है और इससे समाज में कड़वाहट बढ़ेगी।”
 
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