यूपी चुनाव से पहले ही अखिलेश यादव का साहस टूटने लगा है : लक्ष्मी नारायण चौधरी!

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने दावा किया है कि बंगाल जैसा हाल यूपी में भी हुआ तो भविष्य में चुनाव होना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने एक बार फिर से 'वोट चोरी' के गंभीर आरोप लगाए।

यूपी चुनाव से पहले ही अखिलेश यादव का साहस टूटने लगा है : लक्ष्मी नारायण चौधरी!

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उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यूपी चुनाव से पहले ही उनका साहस टूटने लगा है। इसीलिए वे अभी से कहने लगे हैं कि भाजपा को रोकना है तो सभी विपक्षी दलों को एकजुट होना चाहिए।

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने दावा किया है कि बंगाल जैसा हाल यूपी में भी हुआ तो भविष्य में चुनाव होना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने एक बार फिर से ‘वोट चोरी’ के गंभीर आरोप लगाए।

अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार करते हुए मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि जब कन्नौज से अखिलेश यादव जीते, तब लूट नहीं हुई और जब उनकी पत्नी डिंपल यादव लोकसभा का चुनाव जीतीं, शायद तब भी ‘वोट चोरी’, ‘चुनाव चोरी’ नहीं हुई।

अयोध्या में उनकी पार्टी का सांसद जीता, तब भी ‘वोट चोरी’ नहीं हुई। लेकिन, अगर भाजपा चुनाव जीतती है और जनता का समर्थन मिलता है, तो ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए जाते हैं। इससे साफ है कि यूपी चुनाव से पहले ही अखिलेश यादव डर गए हैं।

मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने फिरोजाबाद में पीएम मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल को लेकर मीडिया संवाद किया। इस दौरान उन्होंने 12 वर्षों में लिए गए ऐतिहासिक फैसलों के बारे में भी जानकारी दी।

उन्होंने योगी सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकार ने भव्य रूप में महाकुंभ का आयोजन किया। जहां कभी लाख लोग ही आते थे, वहां पर 60 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु पवित्र स्नान करने के लिए पहुंचे।

केंद्र की उज्ज्वला योजना को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर मंत्री ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की बातों को कोई इतनी गंभीरता से नहीं लेता है। वह क्या बोलते हैं, क्या नहीं बोलते हैं, उनका तो भगवान ही मालिक है।

उन्होंने पीएम मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल को लेकर शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के विवादित बयान पर कहा कि गुजरात में क्या सिर्फ औरंगजेब का ही जन्म हुआ है, महात्मा गांधी का जन्म नहीं हुआ है। उनकी बातों पर कौन ज्यादा ध्यान देता है।

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