विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष, विशेषकर लोकसभा में विपक्ष के नेता के रवैये पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण विधेयक पर सार्थक सुझाव देने के बजाय विपक्ष इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहा है।
जितेंद्र सिंह ने कहा, “सबसे पहले विपक्ष का आचरण बेहद निराशाजनक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता को दर्शाने वाले इतने गंभीर और महत्वपूर्ण विधेयक पर रचनात्मक सुझाव देने के बजाय विपक्ष राजनीति कर रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष के नेता द्वारा देश के युवाओं को “मूर्ख” कहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, “इस देश के युवाओं को, जो देश का भविष्य हैं, ‘मूर्ख’ कहना इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है। मुझे आश्चर्य होता है कि क्या उन्हें संसदीय कार्यवाही के बुनियादी नियमों और मर्यादाओं की भी जानकारी है।”
केंद्रीय मंत्री ने 21 जुलाई की घटना का जिक्र करते हुए विपक्ष के नेता पर तंज कसा। उन्होंने कहा, “21 जुलाई को विपक्ष के नेता शायद किसी विशेष सोच के कारण प्रधानमंत्री के आवास 7 एलकेएम के बाहर जाकर बैठ गए।
सदन में उठाए गए एक अन्य मुद्दे पर जवाब देते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि जिस घटना का उल्लेख किया जा रहा है, उसमें गोली नहीं चलाई गई थी, बल्कि केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था।
उन्होंने कहा, “बार-बार स्पष्ट किया गया है कि कोई गोली नहीं चली। जब गोली चली ही नहीं, तो गोली चलाने के आदेश का सवाल ही नहीं उठता। इस तरह का आदेश देने का अधिकार मंत्री के पास नहीं, बल्कि मजिस्ट्रेट के पास होता है।”
बता दें कि लोकसभा ने चर्चा के बाद पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 को पारित कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।



