अर्जुन राम मेघवाल बोले- अखिलेश यादव ने किया बाबा साहेब का अपमान!

इतिहास इस बात की बखूबी तस्दीक करता है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव हमेशा से ही ओबीसी आरक्षण की पैरोकारी करते रहे हैं।

अर्जुन राम मेघवाल बोले- अखिलेश यादव ने किया बाबा साहेब का अपमान!

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केंद्रीय कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बुधवार को अखिलेश यादव पर उस पोस्टर को लेकर निशाना साधा, जिसमें उन्होंने खुद को बाबा साहेब अंबेडकर के साथ दिखाया था। इस पोस्टर में अखिलेश यादव और बाबा साहेब अंबेडकर का आधा-आधा चेहरा काटकर जोड़ा गया था।

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अखिलेश यादव ने ऐसा पोस्टर जारी करके बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान किया है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। अगर अखिलेश यादव को ऐसा लगता है कि इस तरह के पोस्टर जारी करके वे दलित वोट बैंक को अपनी तरफ रिझाने में सफल रहेंगे, तो मैं एक बात यहां पर खुले तौर पर स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि यह उनकी गलतफहमी है, जिसे उन्हें जल्द से जल्द दूर कर लेनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि 1952 का चुनाव बाबा साहेब अंबेडकर को हराने का काम अगर किसी ने किया था, तो वह कांग्रेस ही थी और अब अखिलेश यादव कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने का काम कर रहे हैं, तो ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या दलित समुदाय अखिलेश यादव का साथ देगा। जवाब स्पष्ट है कि बिल्कुल भी नहीं देगा।

उन्होंने आगे कहा कि इतिहास इस बात की बखूबी तस्दीक करता है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव हमेशा से ही ओबीसी आरक्षण की पैरोकारी करते रहे हैं। वहीं, एक वक्त में राजीव गांधी ने ओबीसी आरक्षण का विरोध किया था और आज देखिए वही अखिलेश यादव कांग्रेस की गोद में जाकर बैठ गए हैं। यह बेहद ही हास्यास्पद स्थिति है।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव खुद को बाबा साहेब अंबेडकर के साथ जोड़कर खुद को दलितों के पैरोकार बताने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम इस बात को भूल नहीं सकते हैं कि किस तरह से अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री रहते हुए दलितों के हितों पर कुठाराघात किया था।

केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए ही सबसे ज्यादा दलित अभियंताओं को डिमोट किया गया था और आज वह खुद को दलितों का हितैषी बताने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इतिहास उनके कारनामों को नहीं भूल सकता है।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव खुद को बाबा साहेब की तरह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दोनों में बहुत फर्क है। दोनों की विचारधारा में बहुत फर्क है। कहां बाबा साहेब अंबेडकर की क्वालिफिकेशन और कहां अखिलेश यादव। दोनों का आपस में कोई मेल नहीं है। इस तरह के पोस्टर जारी करके अखिलेश यादव सिर्फ बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान कर रहे हैं।

इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री ने पहलगाम हमले के संदर्भ में मौजूदा समय में हो रही बयानबाजी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को एक बात स्पष्ट कर देना चाहिए कि इस समय वह सरकार के साथ है या नहीं। हालांकि, उन्होंने कहा था कि इस संकट के समय में हम सरकार के साथ हैं। अगर वे सरकार के साथ हैं, तो इस तरह की बयानबाजी क्यों कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में अपने करतूतों की वजह से पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग पड़ चुका है, जबकि भारत की बात हर कोई सुनने के लिए तैयार है।

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