27.4 C
Mumbai
Sunday, October 18, 2026
होमदेश दुनियाफिश और डेयरी हब बनने की राह पर तेज़ी से बढ़ा असम!

फिश और डेयरी हब बनने की राह पर तेज़ी से बढ़ा असम!

दोनों नेताओं के बीच असम में मत्स्य पालन और डेयरी क्षेत्र की अपार संभावनाओं को विकसित करने तथा इन क्षेत्रों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए विस्तृत चर्चा हुई।

Google News Follow
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह से मुलाकात की। ​दोनों नेताओं के बीच असम में मत्स्य पालन और डेयरी क्षेत्र की अपार संभावनाओं को विकसित करने तथा इन क्षेत्रों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के साथ उनकी बेहद सकारात्मक और उपयोगी बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि मंत्री के अनुभव और क्षेत्र की गहरी समझ से कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए।

सरमा ने बताया कि बैठक में असम के मत्स्य क्षेत्र की अपार संभावनाओं का दोहन करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके तहत राज्य में मछली उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मछली निर्यात को बढ़ावा देने के लिए वैल्यू चेन को मजबूत करने, प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और बाजार तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।

उन्होंने कहा, “आने वाले दिनों में इन विचारों को ठोस परिणामों में बदलने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि असम देश का प्रमुख मछली उत्पादन और निर्यात केंद्र बन सके।”

डेयरी क्षेत्र को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में डेयरी सहकारी समितियों को मजबूत बनाने, पशु चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार, पशु औषधि केंद्र (पशु औषधि केंद्र) स्थापित करने, टेट्रापैक (यूएचटी) और मिल्क पाउडर संयंत्र लगाने तथा कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से पशुधन की गुणवत्ता सुधारने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

वहीं, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने भी ‘एक्स’ पर बैठक को “सौहार्दपूर्ण और सार्थक” बताया। उन्होंने कहा कि बैठक में असम के मत्स्य क्षेत्र की क्षमता को बढ़ाने, मछली उत्पादन और निर्यात को प्रोत्साहित करने, वैल्यू चेन को मजबूत करने और प्रोसेसिंग ढांचे के विस्तार पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

उन्होंने बताया कि डेयरी क्षेत्र में सहकारी समितियों को सशक्त बनाने, पशु चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करने, पशु औषधि केंद्र स्थापित करने, टेट्रापैक (यूएचटी) और मिल्क पाउडर प्लांट लगाने तथा कृत्रिम गर्भाधान के जरिए पशुधन में सुधार जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।

केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से असम के मत्स्य और डेयरी क्षेत्रों का तेजी से विकास होगा, जिससे किसानों, उद्यमियों और ग्रामीण आजीविका के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

नई दिल्ली में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. के.के. द्विवेदी, असम भवन की रेजिडेंट कमिश्नर कविता पद्मनाभन तथा संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।​ 

 
यह भी पढ़ें-

पूर्वोत्तर में सुरक्षा सख्ती के बाद नेपाल की गांजा तस्करी बढ़ी, बिहार बना प्रमुख प्रवेश मार्ग​!

National Stock Exchange

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited
[td_block_social_counter open_in_new_window="y" style="style6 td-social-boxed" block_template_id="td_block_template_9" border_color="#fbd54a" f_header_font_size="26" f_header_font_weight="700" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXRvcCI6IjAiLCJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJwYWRkaW5nLXRvcCI6IjAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn19" custom_title="हमें फॉलो करें" facebook="NewsDankaHindi" twitter="NewsDanka" youtube="channel/UCqtL0xCsgAmB3XXrh9nln2Q" manual_count_twitter="526" f_header_font_family="668"]

अन्य लेटेस्ट खबरें