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Saturday, April 18, 2026
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बिहार विधानसभा​: ​’SIR​’ मुद्दे पर तीसरे दिन भी हंगामा, पक्ष-विपक्ष आमने-सामने​!

भाई वीरेंद्र की टिप्पणी पर विवाद​​ के डिप्टी सीएम ​द्वारा तीखी प्रतिक्रिया दी गयी| 

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बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र जैसे ही शुरू हुआ, सदन का माहौल तीखा और आरोप-प्रत्यारोप से भरा नजर आने लगा। बुधवार को सदन की कार्यवाही एक बार फिर हंगामे की भेंट चढ़ गई। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

भाई वीरेंद्र की टिप्पणी पर विवाद​ के डिप्टी सीएम ​द्वारा तीखी प्रतिक्रिया दी गयीकार्यवाही स्थगित होने के बाद उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा बाहर आए और पत्रकारों से बातचीत में राजद विधायक भाई वीरेंद्र की एक टिप्पणी पर गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा:

“भाई वीरेंद्र ने कहा कि विधानसभा किसी के बाप की नहीं है। यह अत्यंत आपत्तिजनक है। लोकतंत्र के मंदिर में इस प्रकार की भाषा शोभा नहीं देती।”​ विजय सिन्हा ने आरोप लगाया कि राजद “गुंडागर्दी की राजनीति” कर रहा है और SIR के मुद्दे पर जनता को भटका रहा है।

जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने भाई वीरेंद्र की टिप्पणी को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से माफी मांगने को कहा। इस पर विजय सिन्हा ने बीच में हस्तक्षेप कर दिया, जिस पर अध्यक्ष ने उन्हें संयम बरतने की नसीहत दी​| 

सीएम नीतीश और तेजस्वी आमने-सामने​ आये तो सीएम नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव को घेरते हुए कहा​, “जब तुम छोटे थे, तब तुम्हारे माता-पिता मुख्यमंत्री थे, लेकिन उन्होंने कोई काम नहीं किया। अब हम तीन लाख करोड़ से ज्यादा का बजट लेकर आए हैं।”​ उन्होंने कहा कि चुनाव पास है इसलिए तेजस्वी “अंटशंट” बोल रहे हैं और जनता ही तय करेगी कि कौन सदन में आएगा।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि वे SIR प्रक्रिया के खिलाफ हैं, न कि इसके उद्देश्य को​ लेकर है। उन्होंने सवाल उठाया कि​ 11 दस्तावेज क्यों मांगे जा रहे हैं?​ आधार और राशन कार्ड को क्यों खारिज किया गया?​ SIR फरवरी में क्यों नहीं कराया गया?​ उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट को भी आयोग को फटकार लगानी पड़ी।

राजद, कांग्रेस और वाम दल के विधायकों ने तीसरे दिन भी काले कपड़ों में आकर विरोध जताया। उन्होंने सदन के मुख्य गेट को जाम कर दिया, जिससे सीएम नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और एनडीए विधायक पिछले गेट से सदन में दाखिल हुए। इस दौरान मार्शलों और विपक्षी विधायकों में धक्का-मुक्की भी हुई।

हंगामे के बीच छह विधेयक पारित हुए​ जिनमें बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास संशोधन विधेयक 2025
,बिहार माल और सेवा कर विधेयक 2025​ वहीं सदन में छह और विधेयक पेश किए जाने हैं​ जिनमें बिहार कृषि विश्वविद्यालय विधेयक​ बिहार पशु प्रजनन विनियम विधेयक​ जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय विधेयक​ बिहार गिग कामगार विधेयक​, दुकान व प्रतिष्ठान संशोधन विधेयक​ और कारखाना संशोधन ​आदि विधेयक​ अभी प्रस्तावित हैं| ​ 

मंगलवार को विपक्षी विधायक वेल में आकर सीएम नीतीश के खिलाफ नारेबाजी करते दिखे। कुछ विधायकों ने टेबल और कुर्सियों तक उठा लीं। तेजस्वी यादव ने चेताया कि मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सरकार चर्चा करे, वरना विपक्ष का विरोध और तेज होगा।

बिहार विधानसभा में SIR को लेकर तीन दिन से जारी गतिरोध और टकराव लोकतांत्रिक विमर्श को बाधित कर रहा है। जहां एक ओर सत्तापक्ष इसे पारदर्शिता का उपाय बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे जनता के अधिकारों का उल्लंघन करार दे रहा है। आगे देखना होगा कि इस मुद्दे पर कोई संवाद स्थापित होता है या राजनीतिक तनाव और गहराता है।

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