मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में संपन्न कैबिनेट बैठक में कुल 37 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन निर्णयों में न केवल कर्मचारियों के कल्याण, बल्कि महिला सशक्तिकरण, शहरी विकास, धार्मिक पर्यटन, डिफेंस इंडस्ट्री, जल प्रबंधन और आधुनिक प्रशासनिक तंत्र को मजबूती देने वाले अनेक प्रावधान शामिल हैं।
सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों को भवन निर्माण, मरम्मत, विस्तार व खरीद के लिए अधिकतम ₹7 लाख की एडवांस राशि दी जाती थी, उस पर 9.1% फिक्स ब्याज। राशि बढ़ाकर ₹25 लाख कर दी गई। ब्याज दरें अब बाजार दर से लिंक होंगी (वर्तमान में 7-8%)। अधिक कर्मचारी लाभान्वित होंगे, किफायती होम लोन का विकल्प मिलेगा।
बता दें कि योगी सरकार में महिलाओं को स्टाम्प शुल्क में बड़ी छूट देने की बात कही गयी है|पहले ₹10 लाख तक की संपत्ति पर अधिकतम ₹10,000 छूट मिलती थी। अब ₹1 करोड़ तक मूल्य की संपत्ति महिला के नाम होने पर 1% स्टाम्प शुल्क छूट। महिला स्वामित्व को बढ़ावा और वित्तीय आत्मनिर्भरता।
पेयजल, सीवरेज, अपशिष्ट प्रबंधन, परिवहन जैसी योजनाओं के लिए अब नगर विकास विभाग को 5 वर्षों तक ग्राम समाज की भूमि निःशुल्क दी जाएगी। पहले की नीतियां मार्च 2024 में समाप्त हो गई थीं, अब फिर से लागू की गईं। अमृत योजना और स्वच्छ भारत मिशन जैसे केंद्र प्रायोजित योजनाओं में तेजी।
चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे निर्माण को मंजूरी मिल गयी है, जिसकी लंबाई 15.172 किमी होगी और उसके निर्माण की अनुमानित लागत 939. 67 करोड़ के साथ ही साथ उक्त एक्सप्रेसवे निर्माण को लगभग 548 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है| बता दें कि चित्रकूट को बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से जोड़ा जाएगा, जिससे धार्मिक पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
सरकारी विभागों के पुराने वाहनों की नीलामी अब जेम पोर्टल से होने की सुविधा मुहैया कराना है, जबकि 15 वर्ष पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन बंद किया गया है| अब GeM पोर्टल के माध्यम से नीलामी की जाएगी। वही, दूसरी ओर पुलिस बल के लिए 458 नए वाहन खरीदे जाएंगे।
बता दें कि लखनऊ नोड, भटगांव, सरोजनी नगर में 10 हेक्टेयर (₹1 वार्षिक लीज रेंट) डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में डीआरडीओ की प्रयोगशाला बनाने का है| इसके लिए भूमि अधिग्रहण प्रोजेक्ट पर लगभग 2000 करोड़ आंकी गयी है, जिसका मुख्य उद्देश्य आईआर डिटेक्शन टेक्नोलॉजी सेंटर की स्थापना, आत्मनिर्भर भारत को बल के साथ ही साथ सैकड़ों को युवाओं को रोजगार।
अब न्यायिक सेवा नियमावली 2001 में संशोधन कर यह प्रावधान जोड़ा गया है कि भारत सरकार या राज्य सरकार द्वारा विधानों में संशोधन होने पर उन्हें सीधे पाठ्यक्रम में शामिल किया जा सकेगा, हर बार कैबिनेट मंजूरी की जरूरत नहीं।
पुरानी पेंशन योजना के लिए 28 मार्च 2005 से पहले चयनित कर्मचारी जो छूट गए थे, उन्हें 30 नवंबर 2025 तक एक और मौका, जिसमें लाभार्थी संख्या लगभग 2000 कर्मचारी।
हजरतगंज की भूमि अग्निशमन स्टेशन को 3404 वर्ग मीटर नजूल भूमि का हस्तांतरण गृह विभाग को। इसमें फायर स्टेशन का निर्माण होगा।
सरयू नदी जलापूर्ति परियोजना को निशुल्क भूमि| अयोध्या में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण के लिए चिन्हित भूमि नगर विकास विभाग को निशुल्क दी गई।
हमीरपुर में ‘आपकी सखी आशा ज्योति केंद्र’ हेतु भवन निर्माण| महिला कल्याण विभाग को भवन निर्माण हेतु भूमि निःशुल्क दी जाएगी।
अयोध्या में आईबी ऑफिस और भ्रष्टाचार निवारण इकाई| आईबी कार्यालय के लिए 1000 वर्ग मीटर भूमि। भ्रष्टाचार निवारण संगठन के लिए 4067 वर्ग मीटर भूमि गृह विभाग को।
इस कैबिनेट बैठक के निर्णय राज्य के विकास, सुशासन, सामाजिक सशक्तिकरण, आधारभूत ढांचे और राष्ट्रीय रक्षा क्षेत्र में व्यापक सकारात्मक प्रभाव डालने वाले सिद्ध होंगे।
योगी सरकार द्वारा लिए गए ये फैसले “सशक्त उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक और ठोस कदम हैं।
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