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Saturday, April 5, 2025
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बीजिंग: चीन व्यापार वार मामले में अमेरिका पर करेगा जवाबी हमला!

अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध से संबंधित सवालों पर वांग यी ने कहा वह अपने भीतर कारणों को तलाशने के बजाय, अमेरिका अपनी जिम्मेदारियों से बचता रहता है, मनमाने ढंग से टैरिफ लगाता है और यहां तक कि अत्यधिक दबाव भी डालता है।

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चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय पोलित ब्यूरो के सदस्य, विदेश मंत्री वांग यी ने रूस के निमंत्रण पर रूस की आधिकारिक यात्रा के दौरान रूस टुडे इंटरनेशनल मीडिया ग्रुप के साथ एक विशेष साक्षात्कार किया। अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध से संबंधित सवालों पर वांग यी ने कहा कि विकास की प्रक्रिया में प्रत्येक देश को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ेगा और प्रत्येक देश की अपनी उचित चिंताएं होंगी, लेकिन अंततः समस्या को हल करने की कुंजी हमारे अपने हाथों में है, किसी और की जेब में नहीं।

अपने भीतर कारणों को तलाशने के बजाय, अमेरिका अपनी जिम्मेदारियों से बचता रहता है, मनमाने ढंग से टैरिफ लगाता है और यहां तक कि अत्यधिक दबाव भी डालता है। यह कार्यवाही न केवल मौजूदा समस्याओं को हल करने में विफल रहेगी, बल्कि वैश्विक बाजार को भी गंभीर रूप से बाधित करेगी, अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक और व्यापार व्यवस्था को कमजोर करेगी तथा स्वयं की अंतर्राष्ट्रीय विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचाएगी।

“अमेरिका फर्स्ट” का मतलब अमेरिकी धौंस नहीं होना चाहिए, न ही किसी के अपने हितों का निर्माण अन्य देशों के वैध अधिकारों और हितों को कमजोर करने के आधार पर किया जाना चाहिए। चीन ने कभी भी आधिपत्य स्वीकार नहीं किया है। यदि अमेरिका दबाव डालना जारी रखता है या विभिन्न प्रकार के ब्लैकमेल में संलग्न रहता है, तो चीन दृढ़तापूर्वक जवाबी हमला करेगा।

वांग यी ने यह भी कहा कि आपसी सम्मान देशों के बीच संबंधों में बुनियादी मानदंड है और चीन-अमेरिका संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त है। इस वर्ष की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर हुई बातचीत में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने कहा था कि चीन और अमेरिका को शांतिपूर्ण ढंग से सह-अस्तित्व में रहना चाहिए तथा संघर्ष और टकराव कोई विकल्प नहीं होना चाहिए।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा प्रस्तावित आपसी सम्मान, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और समान जीत वाले सहयोग के तीन सिद्धांतों के अनुसार चीन-अमेरिका संबंधों के स्थिर, स्वस्थ और सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
साथ ही, हम अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की दृढ़ता से रक्षा करने के लिए दृढ़ कदम उठाएंगे। हम आशा करते हैं कि अमेरिका ऐतिहासिक प्रवृत्ति को पहचानेगा और तर्कसंगत विकल्प अपनाएगा।
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