शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सीएम अधकारी ने कहा कि पश्चिम बंग दिवस के अवसर पर कोलकाता नगर निगम द्वारा लिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय न्यायपूर्ण और समयोचित है। उन्होंने कहा कि दशकों तक शहर की एक महत्वपूर्ण सड़क का नाम ऐसे व्यक्ति के नाम पर रहा, जिस पर सत्ता का दुरुपयोग कर राजनीतिक लाभ के लिए निर्दोष नागरिकों के नरसंहार को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं।
अधकारी ने कहा कि अब इस सड़क का नाम गोपाल मुखर्जी रोड किए जाने से उन हजारों निर्दोष लोगों की रक्षा करने वाले एक साहसी व्यक्ति को सम्मान मिलेगा, जिन्होंने संकट की घड़ी में लोगों की जान बचाने के लिए अग्रणी भूमिका निभाई थी। उनके अनुसार, यह फैसला ऐतिहासिक न्याय की पुनर्स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को अब अपने वास्तविक नायकों को याद करने, इतिहास की गलतियों को सुधारने और समाज के सच्चे रक्षकों को सम्मान देने का समय आ गया है।
कोलकाता नगर निगम के एक आधिकारिक नोट के अनुसार, निगम ने निर्णय लिया है कि केएमसी क्षेत्र में स्थित सुहरावर्दी एवेन्यू का नाम बदलकर अब “गोपाल मुखर्जी रोड” रखा जाएगा और भविष्य में यह सड़क इसी नाम से जानी जाएगी।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कई जगहों पहचान में बदलाव किया है। जैसे सॉल्ट लेक स्टेडियम के बाहर ममता बनर्जी द्वारा डिजाइन की गई विवादित मूर्ति को हटाया जाना सहित कई चीजें शामिल हैं।
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