बिहार : मंडल निर्विरोध राजद अध्यक्ष, तेजस्वी बोले- पहली बार अति पिछड़ा नेतृत्व! 

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लालू प्रसाद की पार्टी अति पिछड़ा वर्ग के वोटों पर खूब फोकस कर रही है। धानुक समाज से आने वाले मंगनी लाल मंडल निर्विरोध राजद के प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित हो गए। 

बिहार : मंडल निर्विरोध राजद अध्यक्ष, तेजस्वी बोले- पहली बार अति पिछड़ा नेतृत्व! 

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बिहार की राजनीति में रविवार को एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ जब राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने वरिष्ठ समाजवादी नेता मंगनी लाल मंडल को पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष निर्विरोध चुना। यह पहली बार है जब राज्य में किसी भी राजनीतिक दल ने अति पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखने वाले नेता को यह शीर्ष संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी है।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मंगनी लाल मंडल को मिठाई खिलाकर बधाई दी और इस नियुक्ति को सामाजिक न्याय की दिशा में एक ठोस कदम बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “राजद से पहले अनुसूचित जाति, मुस्लिम, पिछड़ा और अगड़ा वर्ग से अध्यक्ष बन चुके हैं, लेकिन पहली बार अति पिछड़ा समाज से किसी को यह सम्मान मिला है।”

राजद में दलितों-अति पिछड़ों को आरक्षण, अन्य दलों से अलग है विचारधारा:  तेजस्वी यादव ने इस अवसर पर दावा किया कि राष्ट्रीय स्तर पर राजद एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसने अपने संगठनात्मक ढांचे में दलितों और अति पिछड़ों के लिए आरक्षण लागू कर रखा है। उन्होंने कहा, “हम सिर्फ जुबानी खर्च नहीं करते, बल्कि सामाजिक न्याय की अवधारणा को धरातल पर उतारते हैं।”

उन्होंने आशा जताई कि मंगनी लाल मंडल के नेतृत्व में बिहार राजद संगठनात्मक रूप से और मजबूत होगा तथा नई ऊंचाइयों को छूएगा।

जगदानंद सिंह के कार्यकाल की प्रशंसा: तेजस्वी यादव ने निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि 85 वर्ष की उम्र में भी उन्होंने जिस कर्मठता, समर्पण और अनुशासन के साथ पार्टी की जिम्मेदारी निभाई, वह प्रेरणादायी है और हमेशा याद किया जाएगा।

नीतीश सरकार पर तीखा हमला, प्रशासन को बताया बेलगाम: अपने संगठनात्मक घोषणा के साथ ही नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रशासनिक तंत्र पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “बिहार में अब एक अचेत मुख्यमंत्री और डीके टैक्स की बदौलत प्रशासनिक अराजकता चरम पर है।”

तेजस्वी का आरोप था कि अधिकारी अब विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के फोन तक नहीं उठाते, और नमस्कार करना तो दूर, व्यवहार तक से गुरेज कर रहे हैं। उन्होंने इसे प्रशासनिक उद्दंडता और सरकार की विफलता करार दिया।

उन्होंने कहा, “बिहार में कोई जवाबदेही नहीं बची है। अपराध, भ्रष्टाचार, कोताही और लापरवाही पर कोई कार्रवाई नहीं होती। अधिकारी और सत्ता में बैठे लोग मिलकर गरीब राज्य का खजाना लूट रहे हैं।”

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