गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने व्यापक जीत दर्ज करते हुए शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपना मजबूत वर्चस्व फिर साबित किया है। चुनाव परिणामों में पार्टी ने अधिकांश नगर निगमों, नगरपालिकाओं और पंचायतों में भारी बहुमत हासिल किया, जबकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) काफी पीछे रह गईं।
अहमदाबाद नगर निगम (192 सीट) में भाजपा ने 158 सीटें जीतकर स्पष्ट बढ़त बनाई, जबकि कांग्रेस 22 सीटों पर सिमट गई। सूरत में भी भाजपा का दबदबा बरकरार रहा, जहां 120 में से 115 सीटें पार्टी के खाते में गईं। AAP को सिर्फ 4 सीटें और कांग्रेस को 1 सीट मिली, जो AAP के पिछले प्रदर्शन की तुलना में गिरावट दर्शाता है।
राजकोट (72 सीट) में भाजपा ने 65 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 7 सीटें मिलीं और AAP खाता भी नहीं खोल सकी। वडोदरा (76 सीट) में भाजपा ने 69 सीटों पर कब्जा किया, कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं। भावनगर (52 सीट) में बीजेपी ने 44 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस 8 सीटों तक सीमित रही।
करमसद-आणंद (52 सीट) में भाजपा को 43 सीटें मिलीं, कांग्रेस को 8 और एक सीट निर्दलीय के खाते में गई। गांधिधाम में भाजपा ने 41 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 11 सीटें मिलीं। नडियाद और नवसारी जैसे शहरों में भाजपा ने लगभग क्लीन स्वीप किया। नडियाद में 52 में से 51 सीटें और नवसारी में 50 सीटें बीजेपी ने जीतीं।
पोरबंदर और मोरबी में भाजपा ने सभी 52-52 सीटों पर जीत हासिल की। सुरेंद्रनगर में भी पार्टी ने 52 में से 51 सीटें जीतकर भारी बढ़त बनाई।
मेहसाणा में भाजपा ने 47 सीटें और कांग्रेस ने 5 सीटें जीतीं। वापी में भाजपा को 37 सीटें, कांग्रेस को 11 और निर्दलीयों को 4 सीटें मिलीं। जामनगर में भाजपा ने 54 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस और AAP को 2-2 सीटें मिलीं।
84 नगरपालिकाओं की 2,030 सीटों में बीजेपी ने 1,791 सीटों पर जीत दर्ज की। कांग्रेस को 414 और अन्य को 144 सीटें मिलीं। 34 जिला पंचायतों की 1,090 सीटों में बीजेपी ने 568 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 77 और अन्य को 30 सीटें मिलीं। 260 तालुका पंचायतों की 5,234 सीटों में बीजेपी ने 2,397 सीटें हासिल कीं, कांग्रेस को 591 और अन्य को 329 सीटें मिलीं।
इन नतीजों को गुजरात में भाजपा की मजबूत संगठनात्मक पकड़ और जमीनी स्तर पर उसकी सक्रियता का संकेत माना जा रहा है। वहीं कांग्रेस और AAP के सीमित प्रदर्शन से राज्य की राजनीति में बढ़ते अंतर की झलक मिलती है।
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