भाजपा नेता सजल घोष के मुताबिक, यह बजट समाज के हर वर्ग के लिए काफी लाभकारी है। इस बजट के धरातल पर उतरने के बाद लोगों को बड़े पैमाने पर फायदा पहुंचेगा। इस बजट में सभी लोगों के बारे में सोचा गया है।
उन्होंने साफ किया कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी को हम लोग अल्पसंख्यक समुदाय से नहीं जोड़ सकते हैं। मेरा आज पश्चिम बंगाल में रह रहे अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से सवाल है कि अगर आप लोग आज बांग्लादेश में रह रहे होते, तो क्या आप खुश होते? जवाब बिल्कुल स्पष्ट है कि नहीं होते। पश्चिम बंगाल में रहने वाले हर बंगाली को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करना चाहिए।
वहीं, भाजपा नेता दिब्येंदु अधिकारी ने भी पश्चिम बंगाल के बजट की तारीफ की। उन्होंने इसे पश्चिम बंगाल की जनता के लिए एक अच्छा बजट बताते हुए कहा कि इस बजट में सभी के हितों का ख्याल रखा गया है। बजट में यह कोशिश की गई है कि बजट में किसी के भी हितों पर कोई प्रहार नहीं हो।
भाजपा विधायक हिरन चटर्जी ने बजट को प्रगतिशील बताते हुए इसे प्रदेश के बच्चों के विकास के लिए जरूरी बताया। उनके मुताबिक, जो बच्चे आज की तारीख में नौकरी और प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों में गए हैं। हमें पूरा विश्वास है कि आगामी दिनों में यह बजट उन सभी बच्चों को वापस अपने प्रदेश में लाने में सहायक साबित होगा।
उन्होंने कहा कि बजट में कृषि, मेडिकल, आईआईटी, आईआईएम और एयरपोर्ट सहित अन्य क्षेत्र का ध्यान रखा गया है। आपको याद होगा कि पिछले चुनाव में जब मुझे टिकट भी नहीं दिया गया था, तब मैंने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखा था और एक्स पर भी पोस्ट किया था कि कोलाइकुंडा में एयरपोर्ट होना चाहिए। मैं गया था और मिलकर आया था।
बीजेपी विधायक देबाशीष धर ने भी बजट की तारीफ की। उनके मुताबिक, जिस तरह से हमने संकल्प पत्र को तैयार किया है, ठीक उसी प्रकार से हमने इस बजट को तैयार किया है। इस बजट में हर क्षेत्र में सुविधा देने का फैसला किया गया, इतनी सुविधा किसी भी क्षेत्र को पहले नहीं दिया गया था। आने वाले दिनों में इस बजट से प्रदेश में रोजगार का मार्ग विकसित होगा।
भाजपा विधायक राजेश कुमार ने भी बजट की तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही प्रगतिशील बजट है। इसमें सभी का ध्यान रखा गया है। महिला, विकास , स्वास्थ्य और शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों का ध्यान इस बजट में रखा गया है। यह पश्चिम बंगाल के लिए भाजपा सरकार का पहला बजट है।
भाजपा विधायक सुब्रत ठाकुर ने भी बजट को लेकर अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, पहले धर्म के आधार पर एक वर्ग का विभाजन किया जाता था और इसके बाद यह सुनिश्चित किया जाता था कि उसे फायदा मिले, लेकिन अब सभी को एक कर दिया गया है।



