चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राहुल गांधी के जो हालिया बयान हैं, उनसे लग रहा है कि कांग्रेस पार्टी नेशनल हेराल्ड केस से भाग रही है और भारत के संस्थानों पर ऐसी बयानबाजी कर नेशनल हेराल्ड केस से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि अपने निजी और राजनीतिक कारणों से नेहरू-गांधी परिवार संस्थाओं पर हमला करने से नहीं कतराता। लेकिन सवाल यह उठता है कि अगर उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है तो वे नेशनल हेराल्ड मामले से क्यों भाग रहे हैं?
नलिन कोहली ने कहा कि एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पी. चिदंबरम ने दावा किया कि नेशनल हेराल्ड भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है और इसलिए इसे बचाए रखने की जरूरत है। लेकिन अगर यह वाकई इतना महत्वपूर्ण था, तो कांग्रेस ने सत्ता में अपने 55 सालों के दौरान इसे बचाने के लिए कुछ क्यों नहीं किया? और अगर वे वाकई भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों के बारे में चिंतित हैं, तो यह विडंबना ही है कि राहुल गांधी विदेशी धरती पर बोलते हुए भारतीय लोकतंत्र पर हमला करना पसंद करते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारा स्पष्ट रुख है कि कांग्रेस पार्टी को नेशनल हेराल्ड को दिए गए संदिग्ध विज्ञापनों और अग्रिम किराए सहित अपराध की आय से संबंधित विशिष्ट आरोपों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए, न कि भारत के संस्थानों, विशेष रूप से निर्वाचन आयोग पर हमला करना चाहिए।
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