BMC को मिली 11,166 करोड़ की मनोरी डीसैलीनेशन परियोजना की मंजूरी

अब अंतिम स्वीकृति का इंतजार

BMC को मिली 11,166 करोड़ की मनोरी डीसैलीनेशन परियोजना की मंजूरी

BMC gets approval for Rs 11,166 crore Manori desalination project

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) को मनोरी में प्रस्तावित 11,166 करोड़ रुपये की डीसैलीनेशन (समुद्री जल शुद्धिकरण) परियोजना के लिए महाराष्ट्र तटीय क्षेत्र प्रबंधन प्राधिकरण (MCZMA) से मंजूरी मिल गई है। अब यह परियोजना अंतिम पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के पास लंबित है।

नागरिक निकाय के अधिकारियों के अनुसार, सभी आवश्यक मंजूरियां मिलते ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य मानसून से पहले शुरू किया जाएगा है। यह परियोजना मुंबई की जल आपूर्ति को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है।

परियोजना की क्षमता और लागत

मनोरी में प्रस्तावित यह समुद्री जल का रिवर्स ऑस्मोसिस (SWRO) करने वाला प्लांट शुरुआती चरण में 200 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) पानी शुद्ध करने की क्षमता रखेगा, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 400 MLD तक किया जा सकता है। दिसंबर 2023 में BMC ने इस परियोजना का ठेका GVPR इंजीनियर्स लिमिटेड को दिया था।

परियोजना की कुल लागत 11,166.17 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें 4,077 करोड़ रुपये निर्माण कार्य के लिए हैं, जबकि बाकी राशि 20 वर्षों के संचालन एवं रखरखाव (O&M), बिजली, कर और अन्य जीवनचक्र लागतों पर खर्च की जाएगी।

मंजूरी प्रक्रिया और अगला कदम

BMC को पहले 2023 में MCZMA से ऑफलाइन मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन नियमों में बदलाव के बाद ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत पुनः आवेदन करना पड़ा। अब MCZMA की स्वीकृति मिलने के बाद प्रस्ताव MoEFCC के पास अंतिम मूल्यांकन के लिए भेजा गया है।

दौरान BMC के वरिष्ठ अधिकारीयों ने बताया है कि MoEFCC की बैठकें पखवाड़े में एक बार होती हैं और उम्मीद है कि अप्रैल के अंत तक अंतिम पर्यावरणीय मंजूरी मिल सकती है।

इस परियोजना के लिए मनोरी में 12 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है, जिसका ड्रोन सर्वे पूरा हो चुका है। राज्य सरकार ने जमीन का कब्जा BMC को सौंप दिया है, जबकि औपचारिक हस्तांतरण की प्रक्रिया जारी है।

इसके अलावा, परियोजना को महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड सहित अन्य एजेंसियों से भी मंजूरी लेनी होगी। शुद्ध किया गया पानी मैनोरी से चारकोप होते हुए कांदिवली के महावीर नगर स्थित टनल शाफ्ट तक पहुंचाया जाएगा, जिससे इसे मुंबई की जल आपूर्ति प्रणाली में जोड़ा जा सके। BMC ने इस जल परिवहन टनल के डिजाइन और निर्माण के लिए भी हाल ही में टेंडर जारी किया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना मुंबई के बढ़ते जल संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। शहर की बढ़ती आबादी और सीमित जल स्रोतों के बीच समुद्री जल को शुद्ध कर उपयोग में लाना एक दीर्घकालिक समाधान के रूप में देखा जा रहा है।

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