बजरंग ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “हमें सड़क पर उतरने और सत्ताधारी पार्टी के एक बाहुबली नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए बहुत हिम्मत जुटानी पड़ी थी।
बजरंग ने आरोप लगाया कि सरकार से लेकर पूरा सिस्टम शुरुआत से ही बृजभूषण को बचाने का प्रयास कर रहा था। उन्होंने आगे लिखा, “पहले दिन से ही सारा तंत्र, सरकार और ये सिस्टम बृजभूषण को बचाने के लिए लगा हुआ है। महिला पहलवानों ने अपने वकीलों को इस फैसले के खिलाफ अपील करने का निर्देश दे दिया है और यह जल्द से जल्द की जाएगी। हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है और पहलवान अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।”
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने महिला पहलवानों से यौन उत्पीड़न के मामले में बृजभूषण को बरी करने का फैसला सुनाया। बृजभूषण के साथ इस मामले में सह-आरोपी रहे विनोद तोमर को भी बरी कर दिया गया है। इससे पहले, 2 जुलाई को कोर्ट ने इस मामले को लेकर अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
गौरतलब है कि महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष पद पर रहने के दौरान महिला खिलाड़ियों से यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। इस मामले को लेकर महिला पलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद जून 2023 में बृजभूषण के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी।



