केंद्र ने 5 राज्यों के ग्रामीण निकायों को 1,789 करोड़ रुपए जारी किए!

इस जारी राशि में अलग-अलग वित्त वर्षों से संबंधित आवंटन शामिल हैं और इसका उद्देश्य ग्रामीण स्थानीय शासन को और अधिक मजबूत बनाना है।

केंद्र ने 5 राज्यों के ग्रामीण निकायों को 1,789 करोड़ रुपए जारी किए!

Centre Releases ₹1,789 Crore to Rural Bodies in 5 States! The Central Government announced on Tuesday that it has released over ₹1,789 crore under the 15th Finance Commission grants to strengthen rural local bodies in five states. The Central Government has released 'untied grants' (unconditional grants) for Panchayati Raj Institutions (PRIs)/Rural Local Bodies (RLBs) in Chhattisgarh, Gujarat, Madhya Pradesh, Telangana, and Maharashtra during the financial year 2025-26. This released amount includes allocations pertaining to various financial years. The objective of this initiative is to further strengthen rural local governance!

केंद्र सरकार ने मंगलवार को बताया कि उसने पांच राज्यों में ग्रामीण स्थानीय निकायों को मजबूत करने के लिए 15वें वित्त आयोग के अनुदान के तहत 1,789 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि जारी की है।

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र में पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई)/ग्रामीण स्थानीय निकायों (आरएलबी) के लिए ‘अनटाइड ग्रांट’ (बिना शर्त अनुदान) जारी किया है। इस जारी राशि में अलग-अलग वित्त वर्षों से संबंधित आवंटन शामिल हैं और इसका उद्देश्य ग्रामीण स्थानीय शासन को और अधिक मजबूत बनाना है।

छत्तीसगढ़ में सभी 33 पात्र जिला पंचायतों (डीपी), 146 ब्लॉक पंचायतों (बीपी) और 11,693 ग्राम पंचायतों (जीपी) के लिए 232.60 करोड़ रुपए की ‘अनटाइड ग्रांट’ की दूसरी किस्त जारी की गई है। इसके अलावा, पहली किस्त की रोकी गई राशि में से 8.0238 करोड़ रुपए 1 डीपी, 8 बीपी और 350 जीपी को जारी किए गए हैं।

पंचायती राज मंत्रालय ने बताया कि इसी तरह, गुजरात को दूसरी किस्त के रूप में 509.2177 करोड़ रुपए मिले हैं, जिसमें 33 डीपी, 247 बीपी और 14,563 जीपी शामिल हैं। साथ ही, रोकी गई राशि में से 14.64 लाख रुपए 2 अतिरिक्त जीपी को जारी किए गए हैं।

मध्य प्रदेश के लिए, 51 डीपी, 296 बीपी और 22,914 जीपी के लिए ‘अनटाइड ग्रांट’ की पहली किस्त के तौर पर 630.6454 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। साथ ही, वित्त वर्ष 2023-24 की पहली और दूसरी किस्त के रोके गए हिस्से के तौर पर 104.6556 करोड़ रुपए भी जारी किए गए हैं, जो 21 अतिरिक्त पात्र डीपी, 106 बीपी और 834 जीपी के लिए हैं।

वहीं, तेलंगाना में 12,702 जीपी को कवर करते हुए, दूसरी किस्त (वित्त वर्ष 2024-25 के लिए) के तौर पर 256.2101 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।

महाराष्ट्र को वित्त वर्ष 2022-23 की पहली और दूसरी किस्त के रोके गए हिस्से के तौर पर 151.1856 करोड़ रुपए मिले हैं, जिससे 12 डीपी, 125 बीपी और 324 जीपी को लाभ हुआ है।

आवंटित अनुदानों की सिफारिश की जाती है और उन्हें एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में जारी किया जाता है। अनटाइड अनुदानों का उपयोग आरएलबी द्वारा स्थान-विशेष की महसूस की गई जरूरतों के लिए किया जाएगा, सिवाय वेतन और अन्य स्थापना लागतों के।

टाइड अनुदानों का उपयोग स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति के रखरखाव जैसी बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है; इसमें विशेष रूप से घरेलू कचरे का प्रबंधन और उपचार, मानव मल और फेकल स्लज का प्रबंधन और पेयजल की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण शामिल होना चाहिए।

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