मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जारंगे पाटिल ने 500 करोड़ रुपये का बड़ा बम फोड़ा था। जिसके बाद राज्य की पॉलिटिक्स में बड़ी हलचल मच गई थी। अब नेशनलिस्ट पार्टी फाइनेंस डिपार्टमेंट को लेकर आक्रामक रुख अपनाती दिख रही है। राज्य में NCP के बड़े नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की।
बताया जा रहा है कि उन्होंने यह मीटिंग फाइनेंस डिपार्टमेंट पाने के लिए की। जारंगे के 500 करोड़ रुपये के दावे को लेकर शिवसेना शिंदे ग्रुप के नेता और BJP नेता एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, ऐसे में नेशनलिस्ट पार्टी फाइनेंस डिपार्टमेंट के लिए आक्रामक हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मीटिंग के बाद छगन भुजबल ने बड़ा बयान दिया। छगन भुजबल ने कहा कि सुनेत्रा पवार हमारी डिप्टी चीफ मिनिस्टर हैं। हमें फाइनेंस डिपार्टमेंट वापस मिलना चाहिए। यह हमारा हक है। वह इसे वापस देने वाले थे। मुख्यमंत्री ने पॉजिटिविटी दिखाई है।
अमित शाह ने मुख्यमंत्री को पूरी आज़ादी दी है। इसलिए, हम ज़रूर पॉज़िटिव सोच रखेंगे। यह तब भी हो रहा था जब हम कांग्रेस के साथ थे। अगर हमारी एक सीट चली जाती, तो दूसरी फिर से मिल जाती थी। हमें फ़ाइनेंस पोर्टफ़ोलियो ज़रूर चाहिए। मुझे लगता है कि विंटर सेशन से पहले हमें पोर्टफ़ोलियो मिल जाएगा, भुजबल ने भी कहा।
कहीं और पोर्टफ़ोलियो की अदला-बदली नहीं होगी। मर्जर की कोई बात नहीं हो रही है। दावा किया गया था कि दोनों राष्ट्रवादी एक साथ आएंगे और उनके बीच मीटिंग भी हुई थी। हालांकि, छगन भुजबल इस पर साफ़ बोलते दिखे और कहा कि मर्जर की कोई बात नहीं हुई।
अजीत पवार राज्य के फ़ाइनेंस डिपार्टमेंट के इंचार्ज थे। हालांकि, उनकी मौत के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने फ़ाइनेंस पोर्टफ़ोलियो संभाला। अजीत पवार की मौत के बाद सुनेत्रा पवार ने डिप्टी मुख्यमंत्री का पद संभाला। हालांकि, फ़ाइनेंस पोर्टफ़ोलियो अभी भी फडणवीस के पास है। अब इसी फ़ाइनेंस पोर्टफ़ोलियो के लिए राष्ट्रवादी आक्रामक रुख़ अपना रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाक़ात भी की। यह देखना दिलचस्प होगा कि अब मुख्यमंत्री क्या रुख़ अपनाते हैं।
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