31 C
Mumbai
Sunday, October 25, 2026
होमदेश दुनियानकली खाद की बिक्री रोकने सख्त कदम उठाएं मुख्यमंत्री: शिवराज!

नकली खाद की बिक्री रोकने सख्त कदम उठाएं मुख्यमंत्री: शिवराज!

कृषि मंत्री चौहान ने संसदीय क्षेत्र विदिशा स्थित सीहोर के किसानों को खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में कलेक्टर कार्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक ली।

Google News Follow
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नकली खाद की बिक्री रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाने पर जोर दिया है। साथ ही उन्होंने राज्यों के मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा है।

कृषि मंत्री चौहान ने संसदीय क्षेत्र विदिशा स्थित सीहोर के किसानों को खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में कलेक्टर कार्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में शिवराज सिंह ने निर्देश दिए कि किसानों को कहीं कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए, खाद सबको मिलना चाहिए।

उन्होंने बैठक में वर्चुअल जुड़े केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और उर्वरक मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही भोपाल से जुड़े राज्य सरकार के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे उर्वरक कंपनियों से समन्वय कर समान रूप से खाद वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर के लिए डीएपी के अतिरिक्त रैक दिलवाने को मंत्रालय स्तर पर फॉलोअप करने को भी कहा, साथ ही रबी की बोवनी अच्छी तरह से संपन्न करने के लिए किसानों को टोकन नंबर देने के साथ ही उनके बैठने और पेयजल आदि की सुविधाएं वितरण केंद्रों पर उपलब्ध करवाने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने किसानों से खाद के साथ टैगिंग (अन्य उत्पादों की जबरन बिक्री) की मिलने वाली शिकायतों और ब्लैकमेलिंग के मामलों में कठोरतम कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि नकली खाद बेचना महापाप है। उन्होंने नकली या घटिया खाद के मामले में कड़ी कार्रवाई करने के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भी भेजे हैं।

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि किसानों को इस बात के लिए भी प्रेरित किया जाना चाहिए कि वे अन्य तरह की खाद के अलावा यदि एनपीके उपलब्ध हो तो वो ले लें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी विभाग किसानों के मामले में संवेदनशील होकर कार्य करें, हमारे लिए हमारे किसान सर्वोपरि हैं, उन्हें कोई तकलीफ बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने बैठक में कहा कि किसानों को अतिवर्षा और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए सोयाबीन और अन्य फसलों के नुकसान की पूरी भरपाई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और आरबीसी छह-चार के प्रावधानों के तहत की जाए। निजी बैंकों के स्तर पर भी किसानों द्वारा जमा की जाने वाली प्रीमियम और उन्हें फसल बीमा के क्लेम की राशि मिलने में कहीं कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि प्रशासन के स्तर पर नुकसान का सर्वे सही तरीके से हो, वहीं बीमा कंपनियां क्लेम देने की व्यवस्था को अच्छी तरह से लागू करें। जहां जरूरत हो एसडीएम अपनी टीम वहां भेजें। पुराने मामले में भी यदि किसानों को क्लेम नहीं मिल पाया हो तो उन्हें क्रॉसचेक करा लिया जाए। कुल मिलाकर, किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

यह भी पढ़ें-

बिहार: महागठबंधन से झामुमो अलग, मनोज पांडे बोले-एकतरफा प्यार?

National Stock Exchange

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited
[td_block_social_counter open_in_new_window="y" style="style6 td-social-boxed" block_template_id="td_block_template_9" border_color="#fbd54a" f_header_font_size="26" f_header_font_weight="700" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXRvcCI6IjAiLCJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiMzAiLCJwYWRkaW5nLXRvcCI6IjAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn19" custom_title="हमें फॉलो करें" facebook="NewsDankaHindi" twitter="NewsDanka" youtube="channel/UCqtL0xCsgAmB3XXrh9nln2Q" manual_count_twitter="526" f_header_font_family="668"]

अन्य लेटेस्ट खबरें