भारत से समझौतों के पालन की उम्मीद है!

भारत-चीन सीमा तनाव पर चीन ने तोड़ी चुप्पी

भारत से समझौतों के पालन की उम्मीद है!

ITBP के डायरेक्टर जनरल शत्रुजीत कपूर ने पिछले हफ़्ते एक प्रोग्राम में बोलते हुए अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन बॉर्डर पर दोनों देशों के बीच तनाव के बारे में जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि पिछले चार महीनों से दोनों देशों के बीच लगातार टकराव चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि भारतीय सेना उन्हें मुंहतोड़ जवाब दे रही है। इसके बाद, इस पूरे हालात पर पूरे देश में चर्चा हो रही है।

इसी तरह, अब चीनी विदेश मंत्रालय ने भी भारत-चीन बॉर्डर पर तनाव पर अपनी स्थिति साफ़ कर दी है। चीनी विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन गुओ जियाकुन ने सोमवार (26 अक्टूबर) को कहा कि उसकी सेना कॉमन बॉर्डर पर पेट्रोलिंग करती है। चीन सभी नियमों का पालन करता है और भारत से भी यही उम्मीद करता है। चीन ने यह भी कहा है कि ‘भारत के साथ डिप्लोमैटिक बातचीत का चैनल हमेशा खुला रहेगा। चीन को उम्मीद है कि भारत भी आपसी समझौतों का सम्मान करेगा और शांति बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाएगा। उन्होंने कहा, ‘बॉर्डर इलाकों में इस पर खास ध्यान दिया जाएगा।’

भारत के साथ बॉर्डर विवाद पर चीन ने क्या कहा?

इस मामले में, जब चीनी सेना ‘तय पेट्रोल रूट से भटकती है, तो ऐसी घटनाएं होती हैं और इससे अशांति फैलती है। चीन और भारत डिप्लोमैटिक और मिलिट्री चैनलों के ज़रिए एक-दूसरे के संपर्क में हैं। भारत इस दिशा में भी काम करेगा ताकि दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति को लागू किया जा सके और बॉर्डर इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।

चीन के साथ बॉर्डर विवाद पर भारत ने क्या कहा?

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘जैसा कि हमने पहले बताया है, जब चीनी सेना तय पेट्रोल रूट से भटकती है, तो भारत-चीन बॉर्डर इलाकों में समय-समय पर हालात बिगड़ते हैं। दोनों पक्ष बॉर्डर मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए कुछ इलाकों में लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर आपसी समझ बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए भी सहमत हुए हैं।

भारत और चीन के बीच नया बॉर्डर विवाद क्या है?

ITBP के डायरेक्टर जनरल (DG) शत्रुजीत कपूर ने गुरुवार को दोनों देशों के बीच तनाव पर सार्वजनिक रूप से बात की। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर कुछ जगहों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हाल ही में झड़पें हुई थीं, जो अभी भी जारी हैं। तब से यह मामला सामने आया है।

LAC पर तैनात उनकी फोर्स के ‘बहादुर’ कमांडो ने स्थिति को संभालने में ‘बहुत अच्छा काम’ किया है। शत्रुजीत कपूर ने यह भी कहा था कि भारत अपनी ड्रोन और एंटी-ड्रोन क्षमताओं को बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है, क्योंकि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) का मुकाबला करने के लिए ‘पारंपरिक’ मिलिट्री रिसोर्स और इंफ्रास्ट्रक्चर काफी नहीं हैं।

लेकिन साथ ही, PLA ने अपनी क्षमताओं में काफी सुधार और मॉडर्नाइजेशन किया है, जिससे चीन एक ‘बहुत बड़ा कॉम्पिटिटर’ बन गया है। ITBP ने अपनी सभी बॉर्डर यूनिट्स में ड्रोन प्लाटून शामिल की हैं। गृह मंत्रालय (MHA) ने फोर्स के मॉडर्नाइजेशन के लिए 400 करोड़ रुपये तय किए हैं, जिनमें से 70% खास तौर पर ड्रोन वॉरफेयर क्षमताओं को बढ़ाने के लिए तय किए गए हैं। फोर्स ‘शौर्य’ कमांडो की और टुकड़ियाँ भी बना रही है, जिन्हें पहाड़ी युद्ध, नई पीढ़ी के हथियारों और बिना हथियार के लड़ाई की ट्रेनिंग दी गई है।

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