आईपीएल ट्रॉफी जश्न के दौरान चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ की गंभीर घटना के बाद कर्नाटक सरकार ने अपनी आबरु बचाने के लिए कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त बी. दयानंद समेत पांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही सीमांत कुमार सिंह को नया पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है। भगदड़ की दुर्घटना के पीछे की कई वजहों के बावजूद कमिश्नर के निलंबन से इस घटना का दोष पुलिस विभाग पर थोंपा जा रहा है, इसीलिए इसे राजनीतिक परिपेक्ष्य में ‘हल्का खून हवालदार’ की तरह दिखाया जा रहा है।
इस भगदड़ में कम से कम 11 लोगों की जान चली गई थी जबकि 33 से अधिक लोग घायल हुए। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इसकी जांच सीआईडी को सौंपने का निर्णय लिया है। साथ ही उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस जॉन माइकल डी. कुन्हा की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया गया है।
सिद्धारमैया ने कहा, “प्रथम दृष्टया इन अधिकारियों की लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया सामने आया है, जिस कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। इसलिए उन्हें निलंबित किया गया है।” निलंबित किए गए अधिकारियों में कब्बन पार्क पुलिस निरीक्षक गिरीश ए.के., एसीपी बालकृष्ण, डीसीपी एच.टी. शेखर, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकास कुमार और पुलिस कमिश्नर बी. दयानंद शामिल हैं।
सरकार ने आरसीबी फ्रेंचाइजी, डीएनए इवेंट मैनेजमेंट कंपनी और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इन संगठनों पर भी जांच सीआईडी को सौंपी गई है। तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस घटना को लेकर कैबिनेट बैठक में गहन चर्चा हुई। उन्होंने कहा,हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।
इस बीच, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने इस घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वी. कामेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकार से इस घटना से संबंधित सभी खामियों, एसओपी पालन और सुरक्षा दिशा-निर्देशों पर रिपोर्ट मांगी है। हालांकि, पुलिस ने फिलहाल केवल 11 अप्राकृतिक मौत (UDR) के मामले दर्ज किए हैं, लेकिन एफआईआर की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
यह दुर्घटना जब आरसीबी ने पहली बार आईपीएल ट्रॉफी जीतने के बाद विजय समारोह का आयोजन किया था। आयोजन के दौरान भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे भगदड़ मच गई और यह दुखद त्रासदी घटी। सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी जारी किए हैं और दोषियों को सख्त सजा दिलाने का भरोसा जताया है।
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