चिराग पासवान ने पटना में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह बात सही है कि इन घटनाओं पर कार्रवाई भी हुई है, लेकिन सवाल है कि ऐसी घटनाएं घट क्यों रही हैं? अब तो लगता है कि प्रशासन पूरी तरह इन घटनाओं को रोकने में नाकामयाब है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो प्रदेश के लिए आने वाले दिनों में ये बहुत भयावह परिस्थिति पैदा कर देगा।
उन्होंने कहा कि मान लिया जाए कि अगर सरकार को बदनाम करने की साजिश के तहत भी इन घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है, तो भी इसे नियंत्रित करने की ज़िम्मेदारी प्रशासन की ही बनती है। उन्होंने इसके लिए प्रशासन की मिलीभगत की भी संभावना जताई।
उन्होंने बिहार सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि जरूरी है कि समय रहते हम लोग इस पर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा, “मुझे इस बात का दुख होता है कि मैं ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूं, जहां पर अपराध पूरी तरह से बेलगाम हो चुका है। इस पर नियंत्रण पाना जरूरी है।”
विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के मतदाता पुनरीक्षण के विरोध में चुनाव बहिष्कार करने को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि अगर हिम्मत है तो एक बार ये लोग बहिष्कार करके दिखला दें।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को डरा कर वोट पाने की आदत हो गई है। लोकसभा में ऐसे ही आरक्षण समाप्त और संविधान खत्म होने का डर फैलाया गया था। कहां का संविधान समाप्त हो गया?
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