केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार (7 मार्च) को तमिलनाडु के अरक्कोणम स्थित केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के 56वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने सीआईएसएफ द्वारा प्रकाशित पत्रिका ‘सेंटिनल’ का विमोचन किया और सीआईएसएफ द्वारा आयोजित परेड का निरीक्षण किया। केंद्रीय मंत्री ने इस विशेष अवसर पर कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और सीआईएसएफ के योगदान की सराहना की।

अमित शाह ने कहा, “सीआईएसएफ के 56वें स्थापना दिवस पर मैं पूरे देश के सीआईएसएफ कर्मियों और उनके परिवारों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। सीआईएसएफ ने देश में औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”
उन्होंने सीआईएसएफ के विविध कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 56 वर्षों में सीआईएसएफ ने देश के विकास और सुरक्षा में अहम योगदान दिया है और इसके लिए वे प्रत्येक कर्मी को बधाई देना चाहते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि आज के दिन, महान स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व गृह मंत्री गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि है, जिन्हें उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा, उन्होंने सीआईएसएफ के 127 शहीदों की स्मृति में भी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने देश की सुरक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
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अमित शाह ने कहा कि आज वे तमिलनाडु की समृद्ध भूमि पर खड़े हैं और 2019 से सीआईएसएफ के स्थापना दिवस को दिल्ली के अलावा देश के विभिन्न हिस्सों में मनाने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने खुशी जाहिर की कि इस वर्ष यह कार्यक्रम थक्कोलम के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित हो रहा है।

उन्होंने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) भर्ती के संदर्भ में भी बात की, जहां उन्होंने कहा कि अब सीएपीएफ परीक्षा में युवाओं को आठ भाषाओं में से अपनी मातृभाषा चुनने का अवसर मिलेगा, जिसमें तमिल भी शामिल है। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से यह अनुरोध भी किया कि वे तमिल भाषा को मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में जल्द से जल्द शामिल करने की दिशा में कदम उठाएं।



