दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्रों और युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस आंदोलन का नेतृत्व संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने किया, जो अमेरिका से लौटने के बाद सीधे धरने में शामिल हुए। भारी पुलिस सुरक्षा के बीच हजारों छात्र, अभिभावक और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा इस प्रदर्शन में जुटे।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा रही। उनका आरोप है कि NEET पेपर लीक, CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में कथित गड़बड़ियां और भर्ती परीक्षाओं में लगातार अनियमितताओं ने छात्रों का भरोसा तोड़ दिया है। इस दौरान “मेक इन इंडिया नहीं, लीक इन इंडिया” जैसे नारे भी लगाए गए।
आंदोलन में शिक्षा के तेजी से हो रहे डिजिटलकरण पर भी सवाल उठाए गए। अभिभावकों और छात्रों का कहना है कि बिना पर्याप्त प्रशिक्षण और सुरक्षा के डिजिटल सिस्टम लागू करने से गड़बड़ियां बढ़ रही हैं, इसलिए पहले व्यापक सुधार और जांच जरूरी है।
मणिपुर में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति भी प्रदर्शन का अहम मुद्दा रही। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि पिछले कई वर्षों से वहां हालात सामान्य नहीं हैं, जिससे स्कूल-कॉलेज प्रभावित हो रहे हैं और छात्रों का भविष्य संकट में है।
इसके साथ ही प्रदर्शन में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। प्रतिभागियों ने कहा कि लगातार परीक्षा अनिश्चितता और पेपर लीक जैसे मामलों से छात्रों में तनाव बढ़ रहा है, यहां तक कि कई मामलों में गंभीर परिणाम भी सामने आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सहायता तंत्र बनाने की मांग की।
पूरे प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और अभिभावक शामिल रहे। कई प्रदर्शनकारी कॉकरोच मास्क पहनकर और हाथों में फूल लेकर पहुंचे। आयोजकों ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण आंदोलन बताया और कहा कि यह संघर्ष लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी जारी रहेगा।
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