जातिगत जनगणना पर कांग्रेस का झूठ उजागर: भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला का हमला

1951 में जातिगत जनगणना को बंद करने का फैसला कांग्रेस के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने लिया था।

जातिगत जनगणना पर कांग्रेस का झूठ उजागर: भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला का हमला

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोमवार को कांग्रेस पार्टी पर जातिगत जनगणना के मुद्दे पर “झूठ फैलाने” का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस देश को लगातार गुमराह कर रही है और अब उसका यह नया झूठ भी पूरी तरह बेनकाब हो गया है।

पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस ने यह अफवाह फैलाई कि आगामी जनगणना में जातिगत आंकड़ों को शामिल नहीं किया जाएगा, जबकि केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि जनगणना में जातिगत जानकारी एकत्र की जाएगी। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ‘झूठ की फैक्ट्री’ बन चुकी है। वह जनभावनाओं से खिलवाड़ कर रही है। लेकिन अब जनता को उसका सच समझ में आ चुका है।”

भाजपा प्रवक्ता ने प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की 30 अप्रैल, 4 जून और 15 जून को जारी विज्ञप्तियों का हवाला देते हुए बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठकों में स्पष्ट किया गया था कि जनगणना में जातिगत गणना को शामिल किया जाएगा।

शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस की ओबीसी नीति पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, “कांग्रेस हमेशा से ओबीसी और आरक्षण विरोधी रही है। कर्नाटक में जातिगत सर्वे के नाम पर 165 करोड़ रुपये खर्च कर दिए, लेकिन आज तक कोई ठोस रिपोर्ट नहीं आई। अब फिर से नया सर्वे कराने की बात की जा रही है। यह ओबीसी समाज के साथ सरासर धोखा है।”

इतिहास की घटनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 1951 में जातिगत जनगणना को बंद करने का फैसला कांग्रेस के तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने लिया था। “नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक, कांग्रेस के बड़े नेताओं ने आरक्षण और ओबीसी के अधिकारों का विरोध किया है,” पूनावाला ने कहा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2004 से 2014 तक कांग्रेस सरकार ने ओबीसी और एससी/एसटी आरक्षण को कमजोर करने का प्रयास किया और मुस्लिम समुदाय को धर्म के आधार पर आरक्षण देने की कोशिश की, जो संविधान और डॉ. अंबेडकर के सिद्धांतों के खिलाफ था।

अंत में पूनावाला ने तीखा तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस अब तक की सबसे बड़ी ओबीसी विरोधी, आरक्षण विरोधी और संविधान विरोधी पार्टी साबित हो चुकी है। उनके झूठ का पर्दाफाश हो चुका है, और देश अब गुमराह नहीं होगा।” यह बयान ऐसे समय आया है जब जातिगत जनगणना को लेकर देश में राजनीतिक बहस तेज है। भाजपा जहां केंद्र की नीतियों को स्पष्ट और पारदर्शी बता रही है, वहीं कांग्रेस लगातार इसके विपरीत दावा कर रही है।

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