कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने आईएएनएस से बात करते हुए इस हादसे को कुप्रबंधन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। प्रमोद तिवारी ने कहा कि कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडालों में पहले कभी इस तरह की बड़ी घटना नहीं हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चोरबगान पंडाल में हुई भगदड़ प्रशासनिक कुप्रबंधन का नतीजा है। इस घटना ने राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस सांसद ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार जिस तरह से काम कर रही है, उससे ऐसा लगता है कि राज्य में प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जा रहा है और कानून-व्यवस्था की स्थिति भी ठीक नहीं है।
प्रमोद तिवारी ने कहा, “जिन लोगों की जान गई है, उनके प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं और जो लोग घायल हुए हैं, उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन से आग्रह किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने अपनी टिप्पणी में कहा कि बंगाल की स्थिति को देखते हुए अब भगवान ही राज्य के रक्षक हैं। बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों में हालात बिगड़ रहे हैं।
वहीं, सहारनपुर में कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने ग्वालियर हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग स्थानों पर वाहनों से जुड़ी दुर्घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना बेहद जरूरी है।
मसूद ने कहा कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्रैफिक मैनेजमेंट को प्रभावी बनाया जाना चाहिए ताकि आम लोगों और श्रद्धालुओं को ऐसी दुर्घटनाओं का सामना न करना पड़े।
