प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा समय-समय पर देश के लिए लिए गए फैसलों की सराहना कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं द्वारा किए जाने से राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। ऑपरेशन सिंदूर, ईरान में चल रहे युद्ध और एलपीजी आपूर्ति की स्थिति को लेकर कांग्रेस के भीतर मतभेद सामने आ रहें है। कमलनाथ, आनंद शर्मा, शशि थरूर और मनीष तिवारी सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने मध्य-पूर्व के युद्ध और भारत में ईंधन आपूर्ति को संभालने के सरकार के तरीके पर राहुल गांधी से अलग राय व्यक्त की है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध पर मोदी सरकार की कूटनीतिक नीति की लगातार आलोचना की है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति को समझौता किया हुआ बताया है, जबकि कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसे जिम्मेदार राजनीति कहा है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी एक टीवी चैनल पर पश्चिम एशिया के युद्ध पर चर्चा करते हुए कहा, सरकार शायद सही काम कर रही है। कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी केंद्र सरकार द्वारा स्थिति संभालने की सराहना की है।
आनंद शर्मा ने सरकार की प्रशंसा करते हुए एकता की अपील की। उन्होंने पश्चिम एशिया संकट से निपटने में भारत की कूटनीतिक रणनीति को परिपक्व और कुशल बताया। वहीं, कमलनाथ ने एलपीजी संकट पर कांग्रेस के रुख को खारिज करते हुए कहा, “ऐसा कोई भी संकट नहीं है। कमी होने की बात केवल माहौल बनाने के लिए कही जा रही है।”
इन बयानों के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “अब तो कांग्रेस नेता कमलनाथ ने खुद स्वीकार कर लिया है कि देश में पेट्रोल, डीजल या गैस की कोई कमी नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, “अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए लोगों में डर और अविश्वास फैलाना बंद करने का समय कांग्रेस के लिए आ गया है।”
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