जांच और आरोप पत्र: इस घोटाले की जांच सीबीआई और ईडी दोनों एजेंसियों ने की। सीबीआई ने जांच के बाद मामला दर्ज किया और चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी पटियाला हाउस कोर्ट में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत चार्जशीट दाखिल की।
चार्जशीट में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद्र गुप्ता, उनकी पत्नी सरला गुप्ता, तत्कालीन आईआरसीटीसी एमडी बी. के. अग्रवाल सहित कई अन्य को आरोपी बनाया गया।
वर्तमान अदालती स्थिति: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हो रही है। कोर्ट ने फिलहाल मामले में आरोप तय करने पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब कोर्ट 23 जुलाई को इस पर अंतिम निर्णय सुनाएगा कि आरोप तय किए जाएंगे या नहीं।
जमानत और अगली सुनवाइयाँ: लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर भी सुनवाई हुई है, जिसका फैसला कोर्ट ने सुरक्षित रख लिया है। ईडी के मामले में अगली सुनवाई 28 जनवरी को तय की गई है। सीबीआई के मामले की अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी।
यह मामला भारतीय राजनीति और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए संवेदनशील बना हुआ है, क्योंकि इसमें एक बड़े राजनीतिक परिवार के कई सदस्य आरोपी हैं और गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं।



