बांग्लादेश की राजधानी ढाका में सोमवार को हुए भीषण विमान हादसे के बाद भारत ने मानवीय आधार पर आगे बढ़ते हुए बांग्लादेश सरकार को घायलों के इलाज में मदद का प्रस्ताव दिया है। भारतीय उच्चायोग ने मंगलवार (22 जुलाई)को ढाका स्थित बांग्लादेश सरकार को एक औपचारिक पत्र लिखकर आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की पेशकश की है।
भारतीय उच्चायोग ने बांग्लादेश सरकार से कहा है कि अगर हादसे में घायल किसी भी व्यक्ति को भारत में इलाज की जरूरत हो, तो वह जल्द से जल्द आवश्यक जानकारी साझा करें। उच्चायोग ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की ओर से घायलों के इलाज हेतु सभी जरूरी सुविधाएं और समर्थन सुनिश्चित किए जाएंगे।
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर हादसे को लेकर संवेदना व्यक्त की थी। उन्होंने लिखा था,“ढाका में हुए विमान हादसे में कई लोगों की (जिनमें अधिकतर छात्र हैं) मौत और घायल होने की खबर से बेहद दुखी और स्तब्ध हूं। हम दुख की घड़ी में परिवारों के साथ हैं। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं। भारत इस मुश्किल घड़ी में बांग्लादेश के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता देने को तैयार है।”
इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के मुताबिक, इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 27 हो गई है, जिनमें 25 छात्र शामिल हैं। मृत छात्रों में कई 12 वर्ष से कम उम्र के थे। अन्य दो पीड़ितों में विमान का पायलट और एक स्कूल शिक्षिका हैं। लगभग 78 घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है, जिनमें पांच की हालत गंभीर बनी हुई है। अब तक 20 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं, जबकि छह शवों की पहचान नहीं हो सकी है। इनकी पहचान के लिए डीएनए सैंपल लिए गए हैं।
घटना सोमवार को दोपहर करीब 1:06 बजे घटी, जब बांग्लादेश वायुसेना का एफ-7 बीजीआई ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट उड़ान पर था। उड़ान के करीब आधे घंटे बाद, यह विमान ढाका के उत्तरा इलाके में स्थित माइलस्टोन स्कूल एंड कॉलेज की इमारत से टकरा गया। इस भयावह टक्कर के बाद स्कूल परिसर में भीषण तबाही मच गई।
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