सीएम धामी ने लिखा, “इसके तहत पांच प्रमुख सड़क परियोजनाओं, राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्पर मार्गों के माध्यम से संपर्क विस्तार सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर सहमति बनी है। हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ-2027 की तैयारियों एवं श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही के दृष्टिगत यह परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं।”
मुख्यमंत्री ने लिखा, “साथ ही यह प्रदेश के आधारभूत ढांचे को नई मजबूती प्रदान करते हुए सड़क संपर्क, पर्यटन, सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों तथा दूरस्थ अंचलों के विकास को भी नई गति देगा। उन्होंने लिखा कि बैठक के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टम्टा भी उपस्थित रहे। विभिन्न प्रस्तावित परियोजनाओं पर सकारात्मक आश्वासन देने के लिए आदरणीय केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री जी का हृदय से आभार।”
सीएम धामी ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक एवं रणनीतिक महत्ता, तीर्थाटन, पर्यटन तथा आपदा प्रबंधन की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए राज्य में सुदृढ़ एवं आधुनिक सड़क नेटवर्क के विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य के लंबित प्रस्तावों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय का अनुरोध किया।
केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि के अंतर्गत वर्ष 2026-27 हेतु राज्य सरकार को लगभग 750 करोड़ लागत की परियोजनाओं की स्वीकृति पर सहमति प्रदान की गई। इसके साथ ही एनएचओ के अंतर्गत 5 प्रमुख परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग 2966 करोड़ है।
सीएम धामी ने अर्धकुंभ मेला 2027 के दृष्टिगत हरिद्वार बाईपास परियोजना को समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे यातायात दबाव में कमी आएगी तथा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुगम आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।
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