कर्नाटक में वोट चोरी की जाने के राहुल गांधी द्वारा लगाए आरोपों पर चुनाव आयोग (EC) ने सोमवार (11 अगस्त)को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को दोबारा चेतावनी दी है कि उनके पास अब भी समय है कि या तो वे कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के पहले पत्र पर घोषणा दें, हरियाणा के CEO की याद दिलाने वाली चिट्ठी का जवाब दें, या फिर देश से माफी मांगें।
एक दिन पहले कर्नाटक के CEO ने नोटिस जारी किया था और हरियाणा के CEO ने भी रिमाइंडर भेजा था। कर्नाटक के CEO ने राहुल गांधी से उन दस्तावेज़ों की मांग की है जिनके आधार पर उन्होंने चुनाव आयोग पर “वोट चोरी” का आरोप लगाया है, ताकि इस मामले में जांच शुरू की जा सके। 7 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और भाजपा शासित केंद्र सरकार पर मिलजुलकर की वोट चोरी का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के आंतरिक विश्लेषण के मुताबिक पार्टी को कर्नाटक में 16 लोकसभा सीटें मिलने की उम्मीद थी, लेकिन केवल 9 सीटें मिलीं।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने सात अप्रत्याशित हारों की जांच की, जिसमें महादेवपुरा सीट पर 1,00,250 वोटों की चोरी का आरोप लगाया गया। राहुल गांधी के अनुसार यह चोरी पांच अलग-अलग तरीकों से की गई है, डुप्लिकेट वोटर, फर्जी और अवैध पते, एक ही पते पर बड़ी संख्या में मतदाता, और ऐसे भवन जहां 50-60 लोग पंजीकृत थे लेकिन मौके पर केवल एक परिवार रहता था। जबकि तथ्य यही है की स्थलांतरित वोटरों के कारण मतदाता सूची लगातार फूलती रही है, वहीं फर्जी और अवैध पते का कारण नौकरियां पाने के लिए बनाए गए फर्जी कार्ड और भाड़े के घरों के पते पर मतदाता पंजीकरण कारण रहा है। ऐसे में बिहार में चलाई गई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) ही मतदाता सूची के शुद्धिकरण का मार्ग है, जिसका विरोध में राहुल गांधी और तमाम विपक्षी दल शुरू से कर रहें है।
After yesterday's notice issued by the CEO of Karnataka, yesterday's reminder by the CEO of Maharashtra and CEO of Haryana, the Election Commission has reiterated its decision that Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi still has time to give a declaration on the first letter…
— ANI (@ANI) August 11, 2025
इसके अलावा कांग्रेस या तमाम विपक्षी दलों की और से मतदाता सूचि में गड़बड़ी को लेकर चुनाव से पूर्व कोई शिकायत दर्ज नहीं की थी। इसी बीच EC ने शनिवार को राहुल गांधी से या तो नियमों के तहत घोषणा देने या फिर देश से माफी मांगने को कहा। 10 अगस्त को कर्नाटक CEO ने पत्र में लिखा कि राहुल गांधी ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग के रिकॉर्ड से मिले दस्तावेज़ दिखाए थे, जिनमें एक मतदाता, शकुन रानी, के दो बार वोट डालने का आरोप था। प्रारंभिक जांच में शकुन रानी ने दो बार वोट डालने से इनकार किया। राहुल गांधी द्वारा दिखाई गई टिक-मार्क वाली सूची चुनाव अधिकारी द्वारा जारी नहीं पाई गई, जिससे आरोप की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े हुए है।
कर्नाटक CEO ने राहुल गांधी से आग्रह किया है कि वे अपने आरोपों के समर्थन में सभी दस्तावेज़ उपलब्ध कराएं, ताकि राज्य चुनाव अधिकारियों द्वारा विस्तृत जांच की जा सके।
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