जयराम रमेश ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि विपक्ष-शासित आठ राज्यों- कर्नाटक, केरल, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और झारखंड – ने जीएसटी दरों में कटौती और स्लैब की संख्या कम करने के प्रस्ताव का समर्थन किया है। हालांकि, इन राज्यों ने इसके साथ ही केंद्र सरकार के समक्ष तीन महत्वपूर्ण मांगें भी रखी हैं।
कांग्रेस नेता की पहली मांग है कि एक ऐसी व्यवस्था स्थापित की जाए जो यह सुनिश्चित करे कि जीएसटी दरों में कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचे। दूसरी मांग यह है कि पांच वर्षों तक सभी राज्यों को मुआवजा दिया जाए, जिसमें 2024/25 को आधार वर्ष माना जाए, क्योंकि दरों में कटौती से राज्यों की राजस्व आय पर प्रतिकूल असर पड़ना तय है।
जयराम रमेश ने दावा किया कि इन मांगों को पूर्णतया उचित माना जा रहा है और इन्हें हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान (एनआईपीएफपी) द्वारा प्रकाशित शोध-पत्रों का भी समर्थन प्राप्त है।
उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लंबे समय से जीएसटी 2.0 की मांग कर रही है जो न केवल कर स्लैब को कम करे और दरों में कटौती करे, बल्कि प्रक्रियाओं और अनिवार्य औपचारिकताओं को भी सरल बनाए, खासकर एमएसएमई के लिए।
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